पंजाब में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी की विधवा को पेंशन के लिए इंतजार करवाना भारी पड़ गया। अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महिला को पेंशन लाभ की पूरी रकम जारी न होने तक पंजाब के गृह सचिव का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया।
जालंधर की पीड़ित महिला सीमा रानी ने हाईकोर्ट को बताया कि उसका पति पंजाब में चतुर्थ श्रेणी का कर्मी था। जब याची के पति की मौत हुई तो उसने पेंशन लाभ जारी करने के लिए सरकार से गुहार लगाई। इसके बाद लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार हार कर याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने 5 अक्तूबर 2021 को पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि याची के मांगपत्र पर एक माह के भीतर निर्णय लिया जाए।
कार्रवाई न होने पर अब याची को अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी। पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया कि याची का केस राशि ट्रांसफर करने के लिए बैंक को भेजा गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार के एक मृतक कर्मी की विधवा को अपने हक के लिए बार-बार कोर्ट आने को मजबूर किया जा रहा है। ऐसे में कोर्ट सख्त आदेश जारी करने से पीछे नहीं हटेगी। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि महिला को पूरी राशि जारी न होने तक प्रदेश के गृह सचिव का वेतन रोक लिया जाए। आदेश के बाद आनन-फानन में महिला के खाते में बैंक से संपर्क कर पूरी राशि जमा करवा दी गई। आदेश पर जज के हस्ताक्षर से पहले यह जानकारी उन्हें दे दी गई। ऐसे में जज ने आदेश लिखवाते हुए पंजाब सरकार को गृह सचिव का वेतन जारी करने की अनुमति दे दी।