टीचर्स की भर्ती को लेकर लगातार हो रही देरी पर हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई और साथ ही बड़ा बयान भी दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार के रवैये के कारण ईटीटी शिक्षकों की 4500 और 2005 पदों के लिए निकाली गई भर्ती में देरी हो रही है। इसलिए सरकार रिक्त पड़े 834 पदों पर सोमवार से ही वेटिंग सूची से नियुक्तियां करे।
हाईकोर्ट ने कहा कि राजनीति के लिए इन शिक्षकों का इस्तेमाल हो रहा है और अगर इन्हें इतना भी नहीं पता तो यह कैसे शिक्षक। सोमवार को मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से नियुक्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। पंजाब सरकार ने बताया कि कुल 6505 पदों की एवज में 4718 शिक्षकों को नियुक्ति दी जा चुकी है और बाकी के पद अभी रिक्त हैं।
हाईकोर्ट ने इस पर पूछा कि आखिर क्यों इतनी देरी हो रही है। इस पर पंजाब सरकार ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया की पालना करना अनिवार्य है। हाईकोर्ट में इस पर डिसएबल और फ्रीडम फाइटर कोटा को डीरिजर्व करने पर प्रतिबंध होने की पंजाब सरकार की पिछली सुनवाई पर दी गई दलील के जवाब में एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने अपना पक्ष रखा।
एक विज्ञापन कोर्ट में पेश करके दी दलीलें
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बेदी ने पंजाब सरकर के ही एक विज्ञापन को कोर्ट के सामने पेश किया और बताया कि इस विज्ञापन में साफ है कि फ्रीडम फाइटर व डिसएबल कैटेगिरी के उम्मीदवार न होने की स्थिति में इन पदों को डीरिजर्व कर भरा जाएगा। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि एक राज्य में दो तरह के नियम कैसे हैं। क्या सरकार की मंशा इन शिक्षकों की नियुक्ति को लटकाने की है।
हाईकोर्ट ने पिछली बार मंगवाई गई भर्ती से जुड़ी फाइल को पेश करने के आदेश दिए। फाइल को देखकर हाईकोर्ट ने सेक्रेटरी को फटकार लगाते हुए कहा कि इस फाइल में भर्ती को लेकर जिस प्रकार लापरवाह रवैया रखा गया है उससे पता चलता है कि आखिर भर्ती के प्रति सरकार कितनी गंभीर है।
पंजाब सरकार ने बताया कि 24 दिसंबर तक पूर्व में जारी की गई रिक्त पदों की सूची से आवेदकों को नियुक्ति पत्र देने का मौका दिया गया है और इसके बाद 834 पदों पर वेटिंग सूची से मेरिट के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए और ऐसे में सोमवार से ही इस प्रक्रिया को आरंभ कर दिया जाए और 23 तक यह सूची वेबसाइट पर डाल दी जाए।
यूनियन लीडर क्यों नहीं आए आगे
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हाईकोर्ट में एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने कहा कि यूनियन लीडरों से इन शिक्षकों को टावर से उतारने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु उन्होंने किसी भी स्थान पर सहयोग नहीं किया। इसके साथ ही उन्हें कोर्ट के आदेशों के बारे में भी अवगत करवाया गया परंतु वे कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। यह न केवल लापरवाह रवैया है बल्कि कोर्ट की अवमानना भी है।
हाईकोर्ट ने कहा कि यूनियन लीडरों को चाहिए था कि वे सभी से वादा करते कि जब तक सभी को नियुक्ति पत्र नहीं मिलेगा तब तक वे नियुक्ति नहीं लेंगे। जिस तरह से लीडरों की मेरिट है उसे देखकर लगता है कि बाकी शिक्षकों को वे अपनी बारी आने तक इस्तेमाल कर रहे हैं। कमल ठाकुर सामान्य श्रेणी में 90 और अमरजीत कंबोज ने बीसी वर्ग में 86 अंक प्राप्त किए हैं।
एसीसी कैंडीडेट न होने और कोर्ट केस से रुके हैं लगभग 450 पद
हाईकोर्ट को बताया गया कि 112 एसएसी वर्ग के उम्मीदवार न होने के चलते यह पद अभी रिक्त हैं और इन्हें सीट डीरिजर्व न होने तक भरा नहीं जा सकता है। वहीं 324 पद कोर्ट में लंबित मामलों के चलते लटके हुए हैं क्योंकि इन्हें भरने पर रोक लगाई गई है। एमिकस क्यूरी ने हाईकोर्ट से अपील की कि इन पदों को जल्दी भरने के लिए उचित निर्देश दिए जाएं। पंजाब सरकार ने बताया कि एससी वर्ग की सीटों को डीरिजर्व करने की प्रक्रिया इस सप्ताह पूरी कर ली जाएगी।