टेली कम्यूनिकेशन कंपनियों बकाया राशि वसूल न करने पर सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकर को फटकार लगाई है। इसके साथ ही केंद्र, हरियाणा, पंजाब को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश भी दिए हैं। मामले में याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि हाल ही में कैग की रिपोर्ट जारी हुई थी।
कैग की रिपोर्ट में सामने आया था कि विभिन्न टैलिकॉम कंपनियों के पास केंद्र सरकार का 12 हजार करोड़ रुपया बकाया है जिसकी वसूली नहीं की गई है। याची ने कहा कि इस प्रकार इतनी बड़ी राशि की वसूली न करना विकास के मार्ग में बाधक है। इस राशि की वसूली के लिए सरकार द्वारा अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं और इस राशि की वसूली कर इसे विकास कार्यों में लगाया जा सकता है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एस.एस. सारौं और जस्टिस लीज़ा गिल की खंडपीठ ने केंद्र सरकार सरकार से पूछा कि आखिर क्यों नहीं इन कंपनियों से वसूली के लिए प्रक्रिया आरंभ की गई जबकि यह लंबित राशि 6 साल पुरानी है। कोर्ट ने कहा कि यह मोबाईल कंपनियां ग्राहकों को उनकी गलत तरीके से काटी गई राशि की शिकायत दर्ज करवाने के लिए घंटों इंतजार करवाती हैं और इनके खिलाफ एक्शन लेने में देरी क्यों हो रही है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए जवाब पर असंतुष्टिï जताते हुए कहा कि छोटे-छोटे लोगों को नोटिस जारी करने से कुछ नहीं होगा वसूली के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार, पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए अब विस्तृत जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
साथ ही याची ने कहा कि वे अर्जी दाखिल करते हुए जिन कंपनियों पर बकाया राशि बची है उन सभी को इस याचिका में प्रतिवादी बनाएंगे। केंद्र ने बताया कि एयरटेल, वोडाफोन, टाटा सहित कई कंपनियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और रिकवरी की जानकारी अगली सुनवाई पर कोर्ट को मुहैया करवा दी जाएगी।