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सेना, नेवी और एयरफोर्स जवानों को टोल को लेकर हाईकोर्ट ने दिया झटका

Thu, 05 Jan 2017 09:50 AM IST
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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टोल बैरियर
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सेना, नेवी और एयरफोर्स के अधिकारियों व जवानों को टोल में छूट को लेकर पंजाब हरियाण हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट के मुताबिक, सैनिकों को टोल में छूट का लाभ ऑन ड्यूटी और सरकारी गाड़ी में होने पर ही मिलेगा। इन आदेशों के बाद अब रिटायर्ड अधिकारी और जवान भी टोल में छूट के हकदार नहीं होंगे। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल के इस फैसले की जानकारी एनएचएआई ने दी।
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इस आधार पर हाईकोर्ट ने एनएचएआई की याचिका का निपटारा कर दिया। आर्मी के एक अधिकारी ने आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर कहा था कि इंडियन टोल एक्ट 1901 के तहत भारतीय सेना और वायु सेना के अधिकारियों और जवानों को ऑन व ऑफ ड्यूटी टोल में छूट दी गई थी।

इसके बाद से लगातार उन्हें टोल में छूट का लाभ मिलता आ रहा था। जब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत टोल को प्राइवेट हाथों में दिया गया तो टोल चलाने वाली कंपनियों ने सेना, नेवी और एयरफोर्स के जवानों व अधिकारियों को छुट्टी के दौरान दी गई टोल छूट का विरोध किया।
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इसी बीच मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे की ओर से एक स्पष्टीकरण दिया गया, जिसमें कहा गया कि सेना व वायु सेना के अधिकारियों व जवानों को टोल में छूट तभी मिलेगी, जब वे ड्यूटी पर हों। यदि वे अपनी प्राइवेट गाड़ी में हैं तो ड्यूटी पर होने के बावजूद भी उन्हें टोल देना होगा। स्पष्टीकरण में रिटायर अधिकारियों व जवानों को टोल में छूट के लाभ से वंचित रखा गया।
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याची बोला, टोल के प्रावधानों पर स्पष्टीकरण ठीक नहीं

टोल बैरियर
याची ने कहा कि इंडियन टोल एक्ट के प्रावधानों का यह स्पष्टीकरण ठीक नहीं है और इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। ट्रिब्यूनल की ओर से इस स्पष्टीकरण पर रोक लगाते हुए ऑफ ड्यूटी और रिटायर्ड ऑफिसर व जवानों को भी टोल में छूट दी गई। इस पर मामले में एनएचएआई भी ट्रिब्यूनल के सामने अर्जी दाखिल कर प्रतिवादी बन गई।

एडवोकेट रघुजीत सिंह मदान ने एनएचएआई की ओर से कहा कि इस मामले में ट्रिब्यूनल सुनवाई नहीं कर सकता है। मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का हवाला देते हुए मदान ने कहा कि ट्रिब्यूनल को केवल सर्विस मैटर सुनने का हक है। यह मामला सर्विस मैटर नहीं है और ट्रिब्यूनल एनएचएआई को इस बारे में निर्देश नहीं दे सकता है।

ट्रिब्यूनल में चल रही कार्रवाई को दी थी चुनौती
एनएचएआई ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में ट्रिब्यूनल में चल रही कार्रवाई को चुनौती देते हुए रोक हटाने की अपील की थी। हाईकोर्ट की नोटिस के बाद याची ने बताया कि ट्रिब्यूनल ने उस स्पष्टीकरण से रोक हटा दी है।

अब ऑफ ड्यूटी व प्राइवेट व्हीकल में ऑन व ऑफ ड्यूटी अधिकारियों व जवानों के अलावा रिटायर्ड अधिकारियों व जवानों से टोल की वसूली की जा सकेगी। हाईकोर्ट ने इन आदेशों के चलते याचिका को औचित्य विहीन मानते हुए इसका निपटारा कर दिया।
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