जाट आरक्षण को लेकर हरियाणा में हुए आंदोलन के दौरान मुरथल ढाबे पर महिला दुर्व्यवहार की घटना पर हाईकोर्ट ने डीजीपी से रिपोर्ट तलब कर ली है। इसके साथ ही सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है।
बेंच ने कहा है कि यौन शोषण में पीड़ित महिलाएं या प्रत्यक्षदर्शी सामने आए तो पहचान गुप्त रखी जाएगी, और ऐसी शिकायत की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने में भी परहेज नहीं होगा। डीजीपी से रिपोर्ट जस्टिस एनके सांघी द्वारा एक समाचार पत्र पर लिए गए स्व संज्ञान की सुनवाई करते हुए जस्टिस एसके मित्तल व जस्टिस एचएस सिद्धू की बेंच ने तलब की है।
जस्टिस सांघी ने स्व संज्ञान लेते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस को भेजे पत्र में कहा था कि यह अति शर्मनाक घटना है और ऐसे हालात पर हाईकोर्ट मूक दर्शक नहीं बना रह सकता, लिहाजा जांच देश की प्रमुख एजेंसी से कराई जानी चाहिए और इस मामले में स्व संज्ञान लिया जाना चाहिए। इसी पर एक्टिंग चीफ जस्टिस ने इस पत्र को स्व संज्ञान के तौर पर चलाने के लिए मामला सुनवाई के लिए जस्टिस मित्तल की डिवीजन बेंच के पास भेज दिया था।