2364 ईटीटी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया को दोषपूर्ण मानते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने उच्च शैक्षणिक योग्यता के लिए 5 अंक अतिरिक्त देने के फैसले को गलत करार देते हुए यह आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस फैसले से बड़ी संख्या में आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, लेकिन गलत प्रकिया को भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ दलजीत कौर व अन्य आवेदकों द्वारा एडवोकेट विकास चतरथ के जरिए दाखिल याचिका में बताया था कि पंजाब सरकार ने 2020 में 2364 ईटीटी शिक्षक पद के लिए आवेदन मांगे थे। नियुक्ति के दौरान लिखित परीक्षा और ऊंची शैक्षणिक योग्यता के 5 अंक जोड़ कर मेरिट बनाई जानी थी।
याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि नियमों में कहीं भी ऐसा प्रावधान नहीं है कि उच्च शैक्षणिक योग्यता के लिए अतिरिक्त अंक दिए जाएं। साथ ही कानूनी प्रावधान के अभाव में भर्ती के लिए न तो कुछ जोड़ा जा सकता है और न ही कुछ समाप्त किया जा सकता है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि पंजाब सरकार ग्रेजुएशन को उच्च योग्यता मान कर उसके 5 अंक दे रही है, जबकि ईटीटी शिक्षक के लिए यह अनिवार्य शर्त नहीं है। ऐसे में अतिरिक्त पांच अंक देने के नियम को खारिज करने की हाईकोर्ट से अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने फरवरी महीने में पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और अगले आदेशों तक नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक भी लगा दी थी। अब हाईकोर्ट ने इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को ही रद्द कर दिया है।