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Chandigarh: पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा- पालतू कुत्ते को कन्हैया बनाना अपराध नहीं, श्रद्धा की अभिव्यक्ति

Fri, 03 Jul 2026 06:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

अदालत ने स्पष्ट किया कि इस धारा के तहत अपराध तभी बनता है जब किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की दुर्भावनापूर्ण मंशा साबित हो। 
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महिला के खिलाफ शिकायत एक राजनीतिक दल के युवा नेता ने दर्ज कराई थी। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जन्माष्टमी पर अपने पालतू कुत्ते को भगवान कृष्ण की वेशभूषा पहनाकर उसकी तस्वीरें व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा करने के मामले में दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। अदालत ने कहा कि यह कृत्य किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिए नहीं बल्कि भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा, प्रेम और भक्ति की अभिव्यक्ति था। इसलिए इसे अपराध नहीं माना जा सकता।

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जस्टिस सुभाष मेहला ने होशियारपुर के तलवाड़ा थाने में तीन सितंबर 2024 को दर्ज एफआईआर और उससे जुड़ी सभी आपराधिक कार्यवाहियां निरस्त कर दीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस धारा के तहत अपराध तभी बनता है जब किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की दुर्भावनापूर्ण मंशा साबित हो। इस मामले में ऐसा कोई तत्व सामने नहीं आया।

महिला के खिलाफ शिकायत एक राजनीतिक दल के युवा नेता ने दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसने अपने पालतू कुत्ते को पीले वस्त्र, मुकुट और अन्य आभूषण पहनाकर भगवान कृष्ण का स्वरूप दिया और उसकी तस्वीरें व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाईं जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। 
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भगवद्गीता के श्लोक का दिया उदाहरण
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भगवान कृष्ण का अपमान मानने का तर्क उस संकीर्ण सोच से उपजता है जो कुत्ते को ईश्वर की अपवित्र रचना मानती है। अदालत ने भगवद्गीता के अध्याय-5 के श्लोक-18 का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञानी व्यक्ति ब्राह्मण, गाय, हाथी, कुत्ते और चांडाल में एक ही परमात्मा का दर्शन करता है।

फैसले में महाभारत के महाप्रस्थानिक पर्व और काल भैरव से जुड़ी परंपराओं का भी उल्लेख किया गया। अदालत ने कहा कि जिस पालतू को महिला अपने बच्चे की तरह प्रेम करती है उसे जन्माष्टमी पर कृष्ण का स्वरूप देना उसकी भक्ति का स्वाभाविक विस्तार है।

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