नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) के मामले में फंसे सुखपाल खैरा की नियमित जमानत याचिका व किसी अन्य मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत व सात दिन का एडवांस नोटिस देने की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। इस मामले में गिरफ्तारी व निचली अदालत द्वारा हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट पहले ही फैसला सुरक्षित रख चुका है। एनडीपीएस के मामले में उन्हें 28 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
याचिका दाखिल करते हुए खैरा ने बताया था कि उसके खिलाफ पंजाब पुलिस ने 2015 की एफआईआर में 28 सितंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था। याची को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है बावजूद इसके पंजाब पुलिस उनके खिलाफ कानून के खिलाफ जाकर कार्रवाई कर रही है। याची ने बताया कि वह पहले आम आदमी पार्टी में थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसी के चलते उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के कारण यह कार्रवाई की जा रही है। खैरा ने अपनी याचिका में गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए नियमित जमानत की मांग की है।
मार्च 2015 में फाजिल्का के जलालाबाद में एनडीपीएस में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में गुरदेव सिंह सहित नौ लोगों पर मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें एनडीपीएस अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था। पुलिस ने उनके पास से 2 किलो हेरोइन, सोने के 24 बिस्कुट, एक देसी पिस्तौल, एक .315 बोर की पिस्टल और दो पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए थे। बाद में पुलिस जांच के दौरान खैरा का नाम सामने आया।
2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब किए गए खैरा के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। उन्हें 2015 के ड्रग्स मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 2021 में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से गिरफ्तार किया गया था। 2022 में उन्हें जमानत मिल गई और फरवरी 2023 में शीर्ष अदालत ने ड्रग्स मामले में खैरा के खिलाफ समन आदेश को रद्द कर दिया। याची को 28 सितंबर को पंजाब पुलिस ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। खैरा ने अग्रिम जमानत याचिका में अंदेशा जताया है कि यदि उन्हें जमानत मिलती है और वह जेल से बाहर आते हैं तो सरकार उन्हें किसी अन्य मामले में फंसा सकती है। ऐसे में उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से पहले सात दिन पूर्व का नोटिस जारी किया जाए।