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Highcourt News: बिजली विभाग ने विवाद के बाद काटी पॉश सिटी की बिजली, हाईकोर्ट का डेवलपर को आदेश-जनरेटर लगाओ वरना अवमानना की कार्रवाई

Tue, 19 Jul 2022 12:03 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

याची ने बताया कि वर्तमान में स्कूल व कॉलेजों की परीक्षाएं चल रही हैं और बिजली न होने की वजह से उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। डेवलपर जनरेटर लगाकर बिजली देने की एवज में प्रति यूनिट 39 रुपये वसूल रहा है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अंधेरे में डूबी मोहाली की पॉश सिटी को 72 घंटे के भीतर जनरेटर लगाकर रोशन करने या फिर न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहने का डेवलपर को आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए अवनिधा गुप्ता व 68 अन्य ने एडवोकेट अभिमन्यु कलसी के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने 2017 से 2019 के बीच इस कॉलोनी में रहना शुरू किया था। याची ने बताया कि डेवलपर और बिजली विभाग के बीच विवाद के चलते 17 जून को उनकी कॉलोनी में बिजली काट दी गई। 

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याची ने बताया कि बिजली विभाग और गमाडा के अनुसार डेवलपर ने कुछ शर्तें पूरी नहीं कीं, जिसके चलते बिजली काटी गई है। याची ने कहा कि इस विवाद के चलते कॉलोनी अंधेरे में डूब गई है। बिजली कनेक्शन कटने के बाद डेवलपर ने जनरेटर लगाकर दिन में 6 घंटे बिजली की सप्लाई शुरू की। दो घंटे सुबह, दो घंटे शाम और दो घंटे रात को बिजली देना शुरू कर दिया।

याची ने बताया कि वर्तमान में स्कूल व कॉलेजों की परीक्षाएं चल रही हैं और बिजली न होने की वजह से उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। डेवलपर जनरेटर लगाकर बिजली देने की एवज में प्रति यूनिट 39 रुपये वसूल रहा है। हाईकोर्ट ने इस पर डेवलपर को फटकार लगाते हुए कहा कि डेवलपर 72 घंटे के भीतर जनरेटर के माध्यम से 24 घंटे बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करें। 

पीएसपीसीएल के मुकाबले सस्ती बिजली मुहैया कराएं

इसके साथ ही बिजली की सप्लाई के लिए प्रति यूनिट वही फीस वसूली जाए जो पीएसपीसीएल वसूल करता है। ऐसा न करने पर डेवलपर को न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। कोर्ट ने कहा कि यदि गमाडा या बिजली विभाग की गलती निकलती है तो उस स्थिति में जनरेटर के लिए किए गए खर्च की वह उनसे वसूली कर सकता है।

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