पंजाब में मैथ लेक्चरारों के पदोन्नति कोटा के पदों को सीधी भर्ती से भरने को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि क्यों न भर्ती पर रोक लगा दी जाए। याचिका में दलील दी गई है कि सीधी भर्ती के 18 पद रिक्त हैं जबकि 68 पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है।
याचिका दाखिल करते हुए अशोक कुमार व अन्य ने एडवोकेट विकास चतरथ के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में मैथ लेक्चरार के 327 पद हैं। इनमें 25 प्रतिशत (82) सीधी भर्ती से तो 75 प्रतिशत (245) प्रमोशन से भरे जाते हैं। याची ने बताया कि सीधी भर्ती के पदों में से 64 पद भरे जा चुके हैं और केवल 18 पद रिक्त हैं। पंजाब सरकार ने 8 जनवरी 2022 को विज्ञापन जारी करते हुए मैथ लेक्चरारों के 68 पद के लिए आवेदन मांग लिए। याची ने कहा कि ऐसा करना गलत है क्योंकि इससे प्रमोशन कोटे की सीटों को सीधी भर्ती से भरा जाएगा।
याची ने कहा कि इन पदों को सीधी भर्ती से भरने पर पंजाब सरकार को आर्थिक नुकसान भी होगा। प्रमोशन के मामले में कर्मचारी को केवल एक इंक्रीमेंट अधिक ही देना होगा जबकि सीधी भर्ती से नियुक्ति पाने वालों को सरकार को पूरे वेतन का भुगतान करना होगा। राज्य आर्थिक संकट की स्थिति से जूझ रहा है ऐसे में राज्य सरकार को प्रमोशन कोटा के पदों को सीधी भर्ती से नहीं भरना चाहिए। याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार व डीपीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही यह भी पूछा है कि क्यों न भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी जाए।