पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी भरत इंदर सिंह चहल की अग्रिम जमानत की मांग पर मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
चहल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार बीती सरकार के नेताओं और उनके करीबियों के खिलाफ राजनीतिक रंजिश के तहत कार्रवाई कर रही है। इसके तहत ही याची को भी फंसाने की कोशिश की जा रही है। चहल ने बताया कि उन्होंने अपने सभी बैंक खातों, संपत्ति और आय की पूरी डिटेल दे दी है, बावजूद इसके उन्हें रंजिश के तहत फंसाया जा रहा है। अब वे 75 साल के हैं। वह जांच में सहयोग देने को तैयार हैं, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए।
23 अगस्त को पटियाला की अदालत ने चहल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जांच एजेंसी ने अदालत को सूचित किया था कि चहल जांच के दौरान सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके बाद निचली अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत देने से इन्कार कर दिया था। जांच एजेंसी उनके खिलाफ दर्ज मामले की उचित जांच के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है। अदालत ने कहा था कि याची विजिलेंस को जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए सही और वास्तविक तथ्यों को प्रकाश में लाने के लिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है।