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मृतक के साथ समझौता संभव नहीं: पत्नी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार, कहा-मरने वाले को इंसाफ जरूरी

Tue, 05 Apr 2022 11:51 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

महिला ने अपने पति पर अवैध संबंध का आरोप लगाया था जिसके बाद पीड़ित पति ने आत्महत्या कर ली थी। अब पति के परिवार के साथ समझौते के आधार पर पत्नी ने एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आत्महत्या के मामले में पति के परिवार वालों से समझौते की दलील देकर पत्नी द्वारा एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि अपराध मृतक के परिवार के साथ-साथ मृतक के प्रति भी है और मृतक से समझौता संभव नहीं है।

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याचिका दाखिल करते हुए होशियारपुर निवासी नीलम ने हाईकोर्ट को बताया कि जून 2021 में उसके पति अवतार चंद ने आत्महत्या कर ली थी। ससुर की शिकायत के आधार पर याची के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ था। याची ने बताया कि उसका ससुराल वालों के साथ समझौता हो गया है और ऐसे में एफआईआर रद्द की जानी चाहिए। 

इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि आत्महत्या एक जघन्य अपराध है और ऐसे में याची को राहत नहीं दी जा सकती। इस मामले में पीड़ित पक्ष केवल मृतक का परिवार नहीं है बल्कि मृतक खुद भी है। केवल परिवार से समझौते को एफआईआर रद्द करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। मृतक से समझौता किसी भी स्थिति में संभव नहीं है तो ऐसे में इस एफआईआर को खारिज नहीं किया जा सकता। इस मामले में महिला ने अपने पति पर अवैध संबंध का झूठा आरोप लगाया था और इसी से आहत होकर याची के पति ने आत्महत्या की है। ऐसी स्थिति में एफआईआर रद्द करना सही नहीं होगा। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने पत्नी की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।

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