फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: फोन से गोपनीय जानकारी चुरा ब्लैकमेल करना गंभीर अपराध, हाईकोर्ट ने आरोपियों को नहीं दी जमानत

Sun, 08 Jan 2023 03:40 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं पर गंभीर आरोप हैं और हिरासत में उनसे पूछताछ जरूरी है। यह पता लगाना बहुत जरूरी है कि आखिर किन लोगों के इशारे पर वह ये काम कर रहे थे। पहचान की सुगम प्रक्रिया का लाभ उठाकर यह लोग दूसरों के नाम पर सिम ले लेते हैं और इन्हें के आधार पर खाते खुलवा लेते हैं।
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोन का प्रलोभन देकर फोन पर लिंक भेजने और फिर फोन की गैलरी से आपत्तिजनक फोटो चुराकर ब्लैकमेल करने को गंभीर अपराध मानते हुए तीन आरोपियों की नियमित जमानत की मांग को खारिज कर दिया है। 

विज्ञापन


चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत मिली थी कि शिकायतकर्ता को फोन पर लोन के लिए एक लिंक मिला था। इस लिंक को खोलने के बाद उससे फोन के एक्सेस की परमिशन मांगी तो शिकायतकर्ता ने दे दी। इसके बाद उसे व्हाट्सएप पर उसकी कुछ नग्न फोटो भेजी गई और कहा गया कि यदि वह मांगी गई राशि का भुगतान नहीं करेगा तो उसकी फोटो वायरल कर दी जाएगी। इसके बाद उसने दो बार छोटी-छोटी राशि का भुगतान भी किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुनील, मधुकर व अकरम को गिरफ्तार किया था। तीनों ने जांच पर सवाल उठाते हुए नियमित जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। 
हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं पर गंभीर आरोप हैं और हिरासत में उनसे पूछताछ जरूरी है। यह पता लगाना बहुत जरूरी है कि आखिर किन लोगों के इशारे पर वह ये काम कर रहे थे। कोर्ट ने कहा कि पहचान की सुगम प्रक्रिया का लाभ उठाकर यह लोग दूसरों के नाम पर सिम ले लेते हैं और इन्हें के आधार पर खाते खुलवा लेते हैं। इन सिम और खातों का प्रयोग करते हुए ही इस प्रकार के अपराध को अंजाम दिया जाता है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को किसी भी प्रकार की राहत से इनकार करते हुए तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें