बाजाखाना गोली कांड मामले की अब तक की गई जांच की पंजाब सरकार ने शुक्रवार को स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में दायर कर दी है। पंजाब सरकार ने कहा कि बाजाखाना मामले में हाईकोर्ट ने गत वर्ष आदेश दिया था कि जांच किसी से साझी नहीं की जा सकती है इसलिए अब सरकार को परेशानी आ रही है।
पंजाब सरकार की तरफ से शुक्रवार को एसआईटी के मुखिया आईजी नौनिहाल सिंह ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि इस मामले की जांच पहले तत्कालीन आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की एसआईटी कर रही थी। हाईकोर्ट ने गत वर्ष अप्रैल में इस एसआईटी को भंग कर नए सिरे से एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। साथ ही यह आदेश भी दिया था कि नई एसआईटी अपनी जांच किसी से साझा नहीं करेगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बहिबल कलां/बाजाखाना मामले की जांच के लिए उनकी अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है। कोटकपूरा मामले की जांच एडीजीपी एलके यादव की अध्यक्षता में गठित एसआईटी कर रही है। सुमेध सिंह सैनी ने उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट और बाजाखाना मामले में निलंबित आईजी परमराज उमरानंगल ने खुद पर दर्ज एफआईआर में आगे कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। इनके अलावा इस मामले के आरोपी अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी याचिकाएं दायर की हैं जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इस मामले की अब तक की गई जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।
पूर्व आईजी और मौजूदा विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह पहुंचे हाईकोर्ट
इस मामले में पूर्व आईजी और आम आदमी पार्टी के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। कुंवर विजय प्रताप सिंह की तरफ से पेश हुए एडवोकेट एपीएस शेरगिल ने कहा कि इस पूरे मामले में कुंवर विजय प्रताप सिंह का पक्ष सुनना बेहद जरूरी है। वह इस मामले को काफी करीबी से जानते हैं इसलिए उन्हें इस मामले अपना पक्ष रखने और सहयोग करने की इजाजत दी जाए। हाईकोर्ट ने फिलहाल बिना कोई निर्देश जारी किए सुनवाई 24 मई तक स्थगित कर दी है।