अमृतसर के जंडियाला गुरु केंद्र में 20 करोड़ रुपये का गेहूं गायब होने के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग विजिलेंस से जांच कराने की तैयारी कर रहा है। विजिलेंस की स्वीकृति मिलते ही इस मामले में जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु ने भी अधिकारियों को इस ओर काम करने का निर्देश दिया है।
जंडियाला गुरु केंद्र में गेहूं के गायब होने के मामले की प्राथमिक जांच पूरी हो गई है। जांच में डीएफएसओ और एएफएसओ को निलंबित कर दिया गया है। अमृतसर के दो और डीएफएससी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए चार्जशीट जारी करने का निर्देश दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग जांच का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। विभागीय मंत्री सहित अधिकारी 20 करोड़ रुपये के गायब गेहूं का पता लगाने और मामले में संलिप्त अधिकारियों की जानकारी के लिए पंजाब विजिलेंस से जांच कराने के पक्ष में हैं। जल्द ही विभागीय स्तर पर पंजाब विजिलेंस को इस मामले के लिए पत्र लिखा जाएगा।
केंद्रीय भंडारण की मांगी रिपोर्ट
विभागीय स्तर पर इस मामले की सीवीसी जांच में जंडियाला गुरु केंद्र में 2018-19 में केंद्रीय पूल के भंडारण की रिपोर्ट मंत्री आशु ने मांगी है। इसके साथ ही अधिकारियों को पीएमजीकेवाई, एनएफएसए-2013 के तहत बांटे गए गेहूं की भी रिपोर्ट देने को कहा है। सीवीसी की प्राथमिक रिपोर्ट में गेहूं की जाली खरीद और लाभार्थियों को गेहूं के वितरण में भी हेराफेरी होने की शंका प्रकट की गई है।
आठ गोदामों का था चार्ज
गेहूं गबन मामले में कुछ बिंदु कई सवाल खड़े कर रहे हैं। जंडियाला गुरु केंद्र गोदाम का इंचार्ज होने के साथ ही लापता इंस्पेक्टर जसदेव के पास सात और गोदामों का चार्ज था। जबकि नियम यह है कि एक इंचार्ज के पास एक ही गोदाम होना चाहिए।
जांच जारी है, आगे क्या फैसला होगा इसका जल्द खुलासा किया जाएगा। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। - भारत भूषण आशु, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, पंजाब सरकार।