लॉरेंस बिश्नोई के जेल में हुए इंटरव्यू मामले की पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अपने जवाब में बताया कि मामले में तत्कालीन चार पुलिस अधिकारियों को शोकॉज नोटिस दिया गया है।
लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि मामले में तत्कालीन एसएसपी विवेक शील सोनी, एसपी अमरदीप सिंह बराड, डीएसपी गु़रशेर सिंह व सीआईए इंचार्ज शिव कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें सात दिन में बताने को कहा गया है कि इस मामले में उन्हें चार्जशीट क्यों न किया जाए।
विज्ञापन
सरकार की कार्रवाई से असंतुष्ट हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि अब तक इन अधिकारियों को पब्लिक ड्यूटी से क्यों नहीं हटाया गया है, बताएं। इसके बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई को 15 अक्टूबर तक के लिए स्थगित करते हुए अगली सुनवाई पर सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट की सख्ती के बाद इन अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।
गौरतलब है कि बिश्नोई के इंटरव्यू मामले में एसआईटी ने बताया था कि एक इंटरव्यू खरड़ सीआईए थाने में हुआ था और दूसर जयपुर की सेंट्रल जेल में। इस जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा था कि दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है। सरकार ने एसआईटी की रिपोर्ट न होने की बात कही थी। सरकार ने बताया था कि एसआईटी ने केवल हाईकोर्ट में रिपोर्ट सौंपी है, वह भी सीलबंद। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि पिछले आदेश में लिखवाया गया था कि इंटरव्यू खरड़ सीआईए थाने में हुआ था। हाईकोर्ट ने सरकार को कार्रवाई का आदेश दिया था।