पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने बताया कि उन्हें अभी तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। हालांकि उन्होंने मेडिकल ऑक्सीजन बनाने के लिए सात कंपनियों को लाइसेंस जारी किए हैं। इनमें जल्द ही ऑक्सीजन का निर्माण शुरू हो जाएगा। पंजाब ने कोरोना से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि ऑक्सीजन की मांग प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
अधिकतर ऑक्सीजन बोकारो से मंगवाई जा रही है। पंजाब के पास फिलहाल 17 क्रायोजेनिक टैंकर हैं, जो इतनी दूर से ऑक्सीजन लाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्हें 10 और क्रायोजेनिक टैंकरों की जरूरत है जिसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है।
हरियाणा को 231 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत
हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि राज्य में इस समय 231 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है, जबकि सिर्फ पानीपत प्लांट की क्षमता ही 260 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बनाने की है। लेकिन इस प्लांट से दिल्ली, पंजाब और अन्य पड़ोसी राज्यों को सप्लाई हो रही है।
इस प्लांट से राज्य का कोटा कम कर 20 मीट्रिक टन कर दिया गया है। इससे हरियाणा को ऑक्सीजन की कमी झेलनी पड़ रही है। ज्यादा ऑक्सीजन बनाने के कारण यह प्लांट ओवर हीटिंग का शिकार हो चुका है और अपनी पूरी क्षमता में काम नहीं कर पा रहा है। ऐसे में राज्य को राउरकेला से ऑक्सीजन मंगवानी पड़ रही है, जिसमें कई दिन लग रहे हैं।