प्रस्तावित सलाहकार बोर्ड को एनडीपीएस एक्ट में प्रीवेंशन ऑफ इलीशिट ट्रैफिक (पीआईटी) के तहत गठित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बिना मुकदमा चलाए एक वर्ष के लिए नशा तस्करों की नजरबंदी की आज्ञा देने के साथ-साथ इस एक्ट के तहत विज्ञापित भगोड़ों की जायदाद जब्त करना है। मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह निर्मल सिंह कलसी को इस संबंध में रूपरेखा तैयार करने के लिए कहा है।
ऐसा होगा ड्रग डिवीजन
स्वास्थ्य विभाग के अधीन एक अलग ड्रग डिवीजन नए ड्रग सेंटर खोलने, निजी नशा मुक्ति केंद्रों को लाइसेंस जारी करने और सरकारी अस्पतालों में अपेक्षित ड्रग के वितरण पर निगरानी रखेगा। इस डिवीजन के प्रमुख सचिव होंगे। मुख्यमंत्री ने निजी नशा मुक्ति केंद्रों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सतीश चंद्रा को निर्देश दिए।