पंजाब बागवानी में सुधार के लिए इजराइल की नवीनतम तकनीक अपनाएगा, ताकि पानी कम प्रयोग करके भी फसलों व सब्जियों की भरपूर उपज हासिल की जा सके। बागवानी और मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने सोमवार को सेक्टर 26 स्थित मगसीपा संस्था में इजराइल के बागवानी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद बताया कि इजराइल में पानी के संसाधन नाममात्र होने के बावजूद कम से कम पानी का प्रयोग कर अधिक से अधिक गुणवत्ता भरपूर उपज पर जोर दिया जा रहा है और बागवानी की नई तकनीकें अपनाने में इजराइल विश्वभर में अग्रणी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में इजराइल की तकनीक से चल रहे सेंटर बागवानी की फसलों की क्वालिटी पैदावार में सहायक हो रहे हैं।
राणा गुरजीत ने कहा कि इजराइली तकनीक के साथ करतारपुर (जालंधर) में 2013 में और खनौड़ा (होशियारपुर) में 2014 में दो सेंटर स्थापित किए गए थे।
करतारपुर में सब्जियों की पैदावार को प्रोटेक्टेड हालत में करने संबंधी अलग-अलग तरह के स्ट्रक्चर स्थापित किए गए हैं। इस सेंटर में अब तक लगभग 150 लाख अलग-अलग सब्जियों की पौध तैयार करके लगभग 7000 किसानों को मुहैया करवाई जा चुकी हैं। यहां लगभग 1000 किसानों को सुरक्षित खेती संबंधी 27 ट्रेनिंग दी जा चुकी हैं।
सब्जियों की पौध बड़े ही वाजिब दरों और किसानों के खेतों तक पहुंचाई जाती हैं। बेमौसमी हाई वैल्यू सब्जियां जैसे नैट हाउस में खरबूजा, कम बीज वाला तरबूज और अन्य विदेशी सब्जियां, जिनकी बाजार में काफी मांग है, किसानों की तरफ से बहुत तेजी से अपनाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि खनौड़ा में फलों के खेती में इजराइल की उच्च तकनीक अपनाई जा रही है। इस सेंटर में 12 संतरों और 8 नारंगी संतरों की किस्मों को अलग-अलग रूट स्टाक पर लगाकर तैयार किया जा रहा है। इस सेंटर में अब तक लगभग 150000 किन्नू और अन्य नींबू प्रजाति के फलों की किस्में हाईटेक नर्सरी में तैयार करके किसानों को मुहैया करवाई गई है।