तहसीलदारों की प्रदेशव्यापी हड़ताल को लेकर पंजाब सरकार सख्त हो गई है। सरकार की ओर से हड़ताल को गैरकानूनी बताते हुए हड़तालियों को तुरंत काम पर लौटने का आदेश दिया गया है। सरकार ने हड़ताली कर्मचारी और अधिकारियों के लिए नो वर्क नो पे लागू कर दिया है। होशियारपुर में सब रजिस्ट्रार द्वारा बिना एनओसी के प्रापर्टी की रजिस्ट्री करने के मामले में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ राज्य भर के तहसीलदार सड़कों पर उतर आए हैं।
राजस्व अधिकारी एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल शुरू हुई है। इस कारण प्रापर्टी की रजिस्ट्री के लिए समय ले चुके लोग बैरंग लौटते रहे। दो महीने में यह तीसरा अवसर है जब सब तहसीलदार हड़ताल पर गए हैं। इससे पूर्व मालेरकोटला में पटवारी दीदार सिंह पर विजिलेंस द्वारा मामला दर्ज करने के विरोध में हड़ताल हुई थी।
हड़ताल पर गए तहसीलदारों का कहना है कि पंजाब सरकार को चाहिए कि वह राजस्व अधिकारियों के दुख दर्द को समझे। सरकार को उनकी समस्याओं का वरीयता से हल करना चाहिए लेकिन पंजाब सरकार राजस्व अधिकारियों को परेशान करने में लगी है। उन्होंने बताया कि पंजाब के तहसीलदार सामूहिक रूप से हड़ताल पर चले गए हैं।
इधर, हड़ताल के कारण लोगों को अपना कामकाज करवाने में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही तहसील में कार्य कर रहे अर्जी नवीसों को अष्टाम फरोश, वसीका नवीसों को भी अपनी मंदी हालत का सामना करना पड़ रहा है। तहसीलदारों की हड़ताल से लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए सरकार ने सख्त फैसला लिया है। सरकार की ओर से हड़ताल पर गए कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटने का आदेश जारी किया है।
अब तक 50 करोड़ से अधिक का नुकसान
हड़ताल के कारण पंजाब के रजिस्ट्रार कार्यालयों में काम नहीं हो रहा है। इस कारण लोग अपनी जमीन की रजिस्ट्री भी नहीं करवा पा रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व हानि हो रही है। अब तक हड़ताल से सरकार को 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
तहसीलदार जायज मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी हड़ताल से आमजन को परेशानियां हो रही हैं। ऐसे में सरकार ने सख्त फैसला लेते हुए हड़ताल पर गए कर्मचारियों और अधिकारियों को लेकर नो वर्क नो पे लागू करने का फैसला किया है। - ब्रह्मशंकर जिंपा, राजस्व मंत्री, पंजाब सरकार