उन्होंने राज्य में स्थानीय उद्योग की जरूरतों के मुताबिक बेरोजगार नौजवानों को रोजगार के मौके देने के लिए रोजगार सृजन और प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और उद्योग विभागों के दरमियान और ज्यादा तालमेल के जरूरत पर जोर दिया। कैप्टन ने कहा कि पंजाब के पास मजबूत मानवीय शक्ति है और हर साल दो लाख नौजवान इसका हिस्सा बनते हैं।
इस मौके पर रोजगार सृजन एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव राहुल तिवारी ने बताया कि समाज के निचले वर्गों को प्रौद्योगिकी द्वारा सुविधा मुहैया करवाने के लिए सरकार ने ‘पंजाब जॉब हेल्पलाइन’ को एक मिसाल के तौर पर पेश किया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया गया कि ‘पंजाब जॉब हेल्पलाइन’ द्वारा सरकार राज्य भर में नौकरी मांगने वालों की शिनाख्त करने, बड़े कारपोरेट संस्थानों और सूक्ष्म व मध्यम उद्योगों और अनौपचारिक क्षेत्रों से नौकरियों का पता लगाने के साथ रोजगार के मौके प्रत्यक्ष रूप से नौकरी के इच्छुक नौजवानों को मुहैया करवाने के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करेगी।
नौकरी के इच्छुक नौजवान अपनी योग्यता के अनुसार उचित रोजगार के नये मौकों संबंधी फोन कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप द्वारा ऑटोमैटिक जानकारी हासिल किया करेंगे।