पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल द्वारा कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोप में दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 28 मार्च तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही इस मामले में अभी तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी पंजाब सरकार को सौंपनी होगी।
शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने 1 जुलाई 2021 को अमृतसर दौरे के दौरान प्रेस वार्ता आयोजित कर ब्यास नदी में अवैध खनन का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा के साथ ब्यास नदी का दौरा किया था। सुखबीर बादल ने वहां मीडिया के सामने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश की धज्जियां उड़ाकर माइनिंग का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने सुखबीर बादल के खिलाफ उसी दिन डिप्टी कमिश्नर के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी।
एफआईआर को रद्द करवाने की मांग को लेकर सुखबीर बादल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 28 मार्च तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।