पंजाब सरकार ने नए नशा मुक्ति केंद्र खोलने पर अस्थायी रोक लगा दी है। सरकार की ओर से पहले से चल रहे केंद्रों की समीक्षा के लिए निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा समीक्षा का कार्य 15 दिनों में करने को कहा गया है। समीक्षा के बाद ही नए केंद्र खोलने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
पंजाब में सरकारी स्तर पर 35 नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं। निजी स्तर पर 96 केंद्र पंजाब भर में संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में सरकारी और गैर सरकारी नशा छुड़ाओ केंद्रों में चार लाख से अधिक लोगों का इलाज चल रहा है। पंजाब में नशा रोकने के लिए सरकार ने इन नशा मुक्ति केंद्रों की अब समीक्षा का फैसला किया है। हाल ही में उपमुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए स्तर पर नशा मुक्ति केंद्रों की समीक्षा किए जाने की जरूरत है।
सरकार ने भी इन केंद्रों की समीक्षा के आदेश जारी कर दिए हैं। कहा गया है कि सरकारी स्तर पर संचालित होने वाले नशा मुक्ति केंद्रों की समीक्षा होने के बाद ही नए केंद्र खोलने की अनुमति दी जाएगी। हाल ही में अमृतसर के वेरका स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल आयुर्वेदिक नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की गई है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने केंद्र के लिए स्वीकृति मिलने के बाद शुरुआती चरण में केंद्र में पांच बिस्तर लगाए गए हैं। यह प्रदेश का पहला नशा मुक्ति केंद्र है, जहां आयुर्वेदिक दवाओं से नशा पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है।
18 जिलों में ज्यादा है नशा
पंजाब के 23 में से 18 जिले नशे की चपेट में हैं। इस तरह राज्य का 82 फीसदी रकबा प्रभावित हो चुका है। पंजाब के 18 जिले भारत सरकार की उन 272 जिलों की सूची में शामिल किए गए हैं, जो नशे की चपेट में हैं। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा घोषित वार्षिक कार्य योजना में इसका खुलासा किया गया है।
राज्य के सभी नशा मुक्ति केंद्रों के कामकाज का मूल्यांकन करने को कहा गया है। यदि किसी भी केंद्रों में कोई काम गलत पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही हर माह केंद्रों की जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं। ओपी सोनी, उपमुख्यमंत्री, पंजाब।