ये कमेटियां की गई हैं गठित
जल प्रदूषण और आम लोगों की शिकायतों के लिए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली कमेटी गठित की गई है। कैंसर और हेपेटाइटिस-बी के बढ़ते मामलों की जांच के लिए एम्स बठिंडा के कम्युनिटी मेडिसिन के हेड प्रोफेसर राकेश कक्कड़ की अध्यक्षता में चार सदस्यों वाली कमेटी गठित की गई है।
मिट्टी और फसल को हुए नुकसान की जांच के लिए पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के शोध विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली कमेटी बनाई गई है। पशुओं को हुए नुकसान की जांच के लिए गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के निदेशक की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली कमेटी गठित कर दी गई है। इसके साथ ही गांववासियों और जत्थबंदियों से कुछ व्यक्ति और एक्सपर्ट को इन कमेटियों में शामिल किया जाएगा।
फैक्टरी को हुए नुकसान की एवज में सरकार 20 करोड़ करवा चुकी है जमा
फैक्टरी के बाहर धरने को खत्म करवाने में विफल रहने के कारण हाईकोर्ट ने कंपनी के नुकसान की भरपाई के लिए 20 करोड़ रुपये हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करवाने का पंजाब सरकार को आदेश दिया था। कंपनी ने कोर्ट को बताया था कि इस यूनिट को लगाने में 300 करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं, 200 करोड़ बाजार से उठाए गए थे। फैक्टरी को चलाने और स्टाफ के वेतन पर डेढ़ करोड़ का खर्च है और 2 करोड़ रुपये प्रतिमाह किस्त देनी पड़ती है। सरकार प्रदर्शनकारियों से मिली हुई है और ऐसे में उनका हर महीने करोड़ों का नुकसान हो रहा है।