घरवाले जहां लवप्रीत सिंह की बहू को गाजे-बाजे के साथ घर लाने की तैयारी में जुटे थे तो वहीं शुक्रवार रात आई लवप्रीत की शहादत की सूचना ने परिवारवालों के अरमानों पर पानी फेर दिया। बटाला तहसील के गांव माड़ी टांडा के रहने वाले लवप्रीत सिंह (23) जम्मू-कश्मीर में 16 आरआर 11 सिख यूनिट में तैनात थे। पुंछ सेक्टर में गश्त के दौरान पहाड़ी से पैर फिसलने के बाद नीचे गहरी खाई में गिर जाने से शुक्रवार को उनका निधन हो गया।
शनिवार को जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो घर पर मौजूद पिता जसविंदर सिंह, माता रविंदर कौर और भाई मनप्रीत सिंह का मन भर आया। हालांकि शहीद के पिता जसविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। उनका दूसरा बेटा मनप्रीत सिंह भी 10 सिख रेजिमेंट में तैनात है।
लवप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह एक साथ सेना में भर्ती हुए थे। शनिवार को सरकारी सम्मान के साथ शहीद सैनिक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार में विधायक बलविंदर सिंह लाड़ी और एसडीएम बटाला बलविंदर सिंह भी पहुंचे। सिख रेजिमेंट के जवानों ने हवाई फायरिंग कर उन्हें अंतिम सलामी दी। इससे पहले गांव में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुझे बेटे की शहादत पर गर्व: सविंदर सिंह
शहीद लवप्रीत सिंह के पिता जसविंदर सिंह भी सेवामुक्त सूबेदार हैं। उन्होंने कहा कि बेटे लवप्रीत सिंह पर उन्हें गर्व रहेगा, जो महज 23 साल की आयु में ही देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर गया। ऐसी कुर्बानी के महत्व को केवल एक फौजी ही समझ सकता है। उन्होंने बताया कि लवप्रीत सिंह का रिश्ता मार्च 2021 में तय हुआ था और दिसंबर में शादी होने वाली थी लेकिन परमात्मा को कुछ और ही मंजूर था।
शहीद के परिवार का मान-सम्मान ही सच्ची श्रद्धांजलि: कुंवर विक्की
इस मौके पर शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि जिला गुरदासपुर ने एक और लाल देश के लिए कुर्बान कर दिया है। उन्होंने बताया कि पुंछ सेक्टर में पिछले तीन दिंन से फौजी कार्रवाई चल रही थी। आतंकवादियों की खोज में लवप्रीत सिंह पेट्रोलिंग पर थे, इसी दौरान उनका पैर पहाड़ी से फिसल गया और नीचे गहरी खाई में जा गिरे। उनके सिर में गंभीर चोट आने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि शहादत का मूल्य नहीं उतारा जा सकता। शहीद के परिवार का मान-सम्मान ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी पंजाब सरकार
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 16 आरआर/11 सिख के सिपाही लवप्रीत सिंह के वारिसों को 50 लाख रुपये एक्स ग्रेशिया देने का एलान किया है, जो ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। सैनिक के दुखी परिवार के साथ हमदर्दी प्रकट करते हुए कैप्टन ने कहा कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए उनका पूर्ण समर्पण और जीवन का बलिदान उनके साथी सैनिकों को और अधिक समर्पित भावना और वचनबद्धता के साथ अपना फर्ज निभाने के लिए प्रेरित करेगी।