पंजाब 100 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) वाले राज्यों की सूची में शीर्ष 13 राज्यों में 7वें स्थान पर है। पंजाब में पटियाला 1-10 लाख जनसंख्या श्रेणी (पूरे भारत के 100 शहरों में) में शहरवार रैंकिंग में सबसे ऊपर है। इस तरह पटियाला ने अपनी रैंकिंग पिछले साल के 86 से सुधारकर इस साल 58 कर ली है।
पटियाला के अलावा मोहाली को 81वां (नया), बठिंडा को 84वां (पिछले साल 84वां) और मोगा को 100वां रैंक (नया) मिला है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले वर्ग में देश के 48 शहरों में चंडीगढ़ की स्थिति काफी खराब हुई है। सिटी ब्यूटीफुल के नाम से प्रसिद्ध यह शहर जहां पिछले साल के सर्वेक्षण में 8वें स्थान पर था, इस बार फिसलकर 16वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं पंजाब के शहर अमृतसर ने पिछले साल के 39वें क्रम से सुधार करते हुए 34वां स्थान हासिल किया है लेकिन पिछले साल 34वें क्रम पर रहा पंजाब का लुधियाना इस बार 39वें स्थान पर फिसल गया है।
इसी तरह उत्तर भारत में 50 हजार से 1 लाख आबादी वाले शहरों की सूची में पंजाब का राजपुरा सबसे साफ-सुथरा शहर माना गया है, जबकि फगवाड़ा नवाचार व सर्वोत्तम कार्यों में सर्वश्रेष्ठ शहर आंका गया है। इस वर्ग में मंडी गोबिंदगढ़ सेल्फ सस्टेबनेबल शहर रहा है।
उत्तर भारत के 25-50 हजार आबादी वाले शहरों में कुराली को सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है, जबकि बाघापुराना को नागरिकों की प्रतिक्रिया के मामले में नवांशहर को सेल्फ सस्टेनेबल शहर और बुढलाडा को तेजी के विकसित होते शहर का दर्जा मिला है। वहीं उत्तर भारत में 25 हजार से कम आबादी वाले शहरों में पंजाब का मूणक सबसे साफ-सुथरा शहर गिना गया है, जबकि खनौरी को सेल्फ सस्टेनेबल सिटी और धनौला को तेजी के विकसित होते शहर का दर्जा मिला है।