पंजाब के किसान काफी गुस्से में हैं और उन्होंने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इसके चलते कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ी और कइयों के रूट बदले गए। दरअसल किसान अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को किसानों ने रेलवे ट्रैक पर टेंट लगाकर फिरोजपुर और अमृतसर में रोष प्रदर्शन किया। उन्होंने फिरोजपुर से लुधियाना, जालंधर, बठिंडा जाने-आने वाली ट्रेनों को रोक दिया। धरने की वजह से नौ ट्रेनें तो मुख्य स्टेशन से ही नहीं चलाई गई।
वहीं 11 ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोककर उन्हें रद्द कर दिया गया। छह ट्रेनों के रूट बदले गए। इस कारण यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं से बातचीत भी की, परंतु कोई हल नहीं निकला। देर शाम तक किसानों का धरना जारी था। फिरोजपुर में किसान, मजदूर व महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर वीरवार डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के समक्ष धरना दिया।
किसानों ने देखा कि उनके रोष प्रदर्शन का असर अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं पर नहीं हो रहा है। शुक्रवार को किसानों ने बस्ती टैंका वाली स्थित रेलवे क्रॉसिंग फाटक पर टेंट लगा दिया। उन्हें ट्रैक पर ही दरिया बिछाकर सुबह से ही धरना शुरू कर दिया। किसानों के इस धरने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। किसान अपने साथ खानपान का सामान भी लाए थे। किसानों के इस धरने से फिरोजपुर की ओर से लुधियाना, जालंधर, बठिंडा व अमृतसर जाने वाली सभी ट्रेनें प्रभावित हुईं।
ये हैं मांगें
किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू, सुखदेव सिंह मंड व साहिब सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चुनाव दौरान अपने घोषणा पत्र में किसानों की कई मांगें पूरी करने के वादे किए थे, जिन्हें अब वे पूरा करे। उन्होंने मांग की कि किसानों के कर्ज माफ किए जाएं। 90 फीसदी औजारों पर सब्सिडी दे। प्रति एकड़ पराली संभालने के लिए छह हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए।
धरने के कारण अमृतसर से हावड़ा, फिरोजपुर से लुधियाना, जालंधर, बठिंडा, अमृतसर से मुंबई, अमृतसर से दिल्ली को जाने वाली नौ ट्रेनें रद्द की गई हैं। इसके अलावा 11 ट्रेनों को जिस स्टेशन पर रोका गया, उन्हें वहीं पर रद्द कर दिया। इसी तरह छह ट्रेनों के रूट बदलने पड़े। रेलवे को यात्रियों की टिकटों का लाखों रुपये का रिफंड भी करना पड़ा है।
- विवेक कुमार, डीआरएम, फिरोजपुर मंडल