कैप्टन अमरिंदर सिंह का परिवार इस बार पटियाला के रण में फंसा हुआ है। मगर उनके दो भाई अमृतसर में कैप्टन के चुनाव की कमान संभाल रहे हैं। कैप्टन के छोटे भाई राजा मालविंदर सिंह और कजिन व इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के पूर्व महासचिव राजा रंधीर सिंह चुनाव में डटे हुए हैं।
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बाजवा: पत्नी के साथ बेटे ने पढ़ाई छोड़ संभाला मोर्चा
प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के चुनाव में उनकी पत्नी व विधायक चरनजीत कौर बाजवा डटी हुई हैं। वहीं, उनके भाई व प्रदेश महासचिव फतेहजंग सिंह बाजवा भी पीछे नहीं है। बाजवा के बेटे विक्रम बाजवा दिल्ली में अपनी बीबीए की पढ़ाई छोड़ कर गुरदासपुर आ गए हैं। विक्रम लगातार कैंपेन कर रहे हैं।
विनोद खन्ना: कविता ने पति के लिए की पदयात्रा
विनोद खन्ना के प्रचार में जान फूंकने के लिए उनकी पत्नी कविता खन्ना डटी हुई हैं। कविता लगातार चुनाव प्रचार कर रही हैं। उन्होंने हलके में पदयात्रा भी निकाली। इसमें लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं पर चर्चा की।
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अरुण जेटली : बेटी और पत्नी लगा रही जोर
अरुण जेटली के प्रचार में शुरू से ही पत्नी संगीता जेटली मौजूद थीं। बाद में उनकी बेटी सोनाली जेटली भी आ गई हैं। दोनों ही अलग-अलग प्रचार कर रही हैं। शहरी हलकों पर दोनों का खास फोकस है।
अंबिका: व्यापार छोड़ बेटा लगा प्रचार में अंबिका सोनी के बेटे अनूप सोनी अपनी मां की मदद को पहुंच गए हैं। अनूप का दिल्ली में बिजनेस है। मां पहली बार प्रतिष्ठित चुनाव लड़ रही हैं तो अहम जिम्मेदारी संभालने अनूप यहां पहुंच गए हैं। रोजाना अलग-अलग हलकों में जा रहे हैं।
चंदूमाजरा: पूरा कुनबा ही मांग रहा वोट प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा के साथ पूरा परिवार डटा हुआ है। उनकी पत्नी बलविंदर कौर, बेटे सिमरनजीत व हरिंदर पाल सिंह, बहू कुलवंत कौर केसाथ-साथ छह साल की पोती रहत भी वोट मांग रही है।
परनीत कौर : देशी-विदेशी सभी रिश्तेदारों ने डाला डेरा
परनीत कौर की मदद केलिए भी पूरा परिवार डट गया है। हर चुनाव की तरह इस बार भी दिल्ली से उनकी बेटी जय इंदर कौर व दामाद गुरपाल संधू आ गए हैं।
बेटे रणइंदर ने समाना हलके पर ध्यान लगाया हुआ है, तो बहू रिशमा कौर शहर में प्रचार कर रही हैं। भाई हिम्मत सिंह काहलों, भाई इशी काहलों, कजिन सुंदर सिंह के अलावा कनाडा से आए कैप्टन केपूर्व ओएसडी विशप्रीत सिंह छीना भी परनीत का चुनाव संभाल रहे हैं।
दीपइंदर ढिल्लों: पत्नी, बेटी-बहू भी मैदान में दीपइंदर ढिल्लों का साथ उनकी पत्नी रूपिंदर कौर तो थी हीं। बेटे उदयवीर, बहू तनु ने भी विभिन्न हलकों की कमान संभाल ली है। बहनें पिक्की संधू व निरपजीत कौर भी पूरी मदद कर रही हैं।
एच एस फुलका : बेटी पर सारा दारोमदार
एचएस फुलका के चुनाव का सारा दारोमदार उनकी बेटी प्रभ सहाय कौर पर है। चुनाव का मैनेजमेंट हो, प्रचार की प्लानिंग हो या फिर यूथ वोटरों को आकर्षित करने की कवायद हो, सब वही कर रही हैं। वह खुद सड़क पर निकल कर पंफलेट तक बांटती हैं।
सुखदेव ढींढसा: पत्नी, बेटी, दामाद सब लगा रहे जोर सुखदेव सिंह ढींढसा को जिताने के लिए पूरे परिवार ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। इसमें उनकी पत्नी हरजीत कौर, बेटा व कैबिनेट मंत्री परमिंदर ढींढसा, बहू गगनदीप कौर शामिल हैं। वहीं, दोनों बेटी रमनदीप कौर, दामाद बब्बी बराड़ और परमिंदर के ससुर कंवरजीत संधू भी डटे हुए हैं।
मनप्रीत: विदेश में पढ़ाई छोड़ बेटे ने संभाली कमान मनप्रीत बादल के चुनाव में उनकी पत्नी वीनू बादल जोर-शोर से प्रचार में जुटी हुई हैं। बेटा अर्जुन बादल पढ़ाई छोड़ कर विदेश से आ गया है। वीनू केभाई जोजो और मनप्रीत केपिता गुरदास बादल भी मनप्रीत के साथ हैं।
हरसिमरत कौर बादल के चुनाव की कमान उनकेससुर प्रकाश सिंह बादल और पति सुखबीर बादल के हाथ में हैं। पंजाब की सियासत के दोनों दिग्गज लगातार बठिंडा का दौरा कर रहे हैं।
रवनीत बिट्टू: पत्नी, ताया सब कर रहे हैं प्रचार रवनीत बिट्टू केसाथ उनकी पत्नी अनुपमा हैं, जो लेडीज क्लब से लेकर कॉलोनियों तक प्रचार कर रही हैं। बिट्टू के ताया तेज प्रकाश सिंह और कजिन गुरकीरत सिंह कोटली ही उन्हें चुनाव लड़ा रहे हैं।
विजय इंदर सिंगला: जी जान से जुटीं पत्नी दीपा विजय इंदर सिंगला की पत्नी दीपा सिंगला नियमित रूप से प्रचार कर रही हैं। साथ ही उनकी बहनें राधिका गुप्ता व कमल अग्रवाल भी प्रचार के लिए आई हैं।