उधर, पटियाला देहात हलके से आप के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बलबीर सिंह को टिकट देने से गुस्साए जाने-माने समाज सेवक सौरभ जैन ने आजाद लड़ने का एलान कर दिया है। पटियाला देहात से टिकट न मिलने पर पूर्व मेयर विष्णु शर्मा ने अकाली दल को छोड़कर दोबारा कांग्रेस ज्वाइन कर ली है। अब उन्हें पटियाला शहर सीट से कैप्टन के खिलाफ उतारा जाना लगभग तय है।
इसी तरह से घन्नौर हलके में पूर्व मंत्री अजायब सिंह मुखमैलपुरा अकाली दल की तरफ से पत्नी हरप्रीत कौर मुखमैलपुरा को टिकट न मिलने से नाराज हैं। संभावना है कि हरप्रीत कौर आजाद चुनाव लड़ सकती हैं। इस हलके से अकाली दल ने पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा को मैदान में उतारा है। वहीं चंदूमाजरा के अपने ही भांजे मार्केट कमेटी पटियाला के पूर्व चेयरमैन हरविंदर सिंह हरपालपुर ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
हरपालपुर ने बलबीर सिंह राजेवाल की संयुक्त समाज मोर्चा को ज्वाइन कर लिया है। हरविंदर सिंह खुद घन्नौर या फिर राजपुरा से अकाली दल का टिकट चाह रहे थे। वहीं शुतराणा हलके में आप ने कुलवंत सिंह को टिकट दिया तो आप के बाजीगर विंग के प्रदेश अध्यक्ष नरैण सिंह नरसोत ने पार्टी छोड़कर कैप्टन धड़े का दामन थाम लिया है। अब वह शुतराणा से पंजाब लोक कांग्रेस के टिकट पर लड़ सकते हैं।
उधर, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह खुलेआम कांग्रेस से सन्नौर हलके से टिकट की मांग कर रहे थे लेकिन टिकट मिला हरिंदरपाल सिंह हैरीमान को। हालांकि अभी लाल सिंह ने खुलकर विरोध नहीं किया है। नवजोत सिंह सिद्धू के नजदीकी शैरी रियाड़ भी सन्नौर से टिकट चाहते थे।