वहीं, गौरव यादव के कार्यकारी डीजीपी बनते ही मूसेवाला की हत्या करने वाले दो गैंगस्टरों को एनकाउंटर में मार गिराया गया। लॉरेंस बिश्नोई को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश किया गया, इससे जुड़े मुख्य आरोपी सचिन थापन और अनमोल बिश्नोई को अजरबैजान व केन्या में गिरफ्तार कराने में पंजाब पुलिस को सफलता मिली। इसके अलावा, पंजाब की भगवंत मान सरकार गौरव यादव के कामकाज से भी खुश है।
कांग्रेस सरकार ने भावरा को बनाया था डीजीपी
पंजाब में पिछली कांग्रेस सरकार ने वीके भावरा को डीजीपी लगाया था। उनकी नियुक्ति तत्कालीन सरकार द्वारा यूपीएससी को भेजे गए अधिकारियों के पैनल में से हुई थी, इसीलिए मौजूदा सरकार के लिए उन्हें तय समय से पहले डीजीपी पद से हटाना संभव नहीं है। भावरा के दो माह की छुट्टी पर जाने के बाद राज्य सरकार ने नए डीजीपी के लिए यूपीएससी को कोई पैनल भी नहीं भेजा। इसके चलते चार सितंबर के बाद सरकार के लिए नई मुश्किल खड़ी हो सकती है। अगर भावरा अपनी छुट्टी बढ़ा लेते हैं तो सरकार को कुछ राहत मिलेगी लेकिन भावरा ने अब तक छुट्टी बढ़ाने का कोई आवेदन नहीं भेजा है।