पंजाब ने सेंट्रल पूल में से 16वें वित्त आयोग से 2.02 प्रतिशत के हिसाब से अपनी हिस्सेदारी की मांग की है। 15वें वित्त आयोग ने पंजाब को 1.807 फॉर्मूले के आधार पर सेंट्रल पूल में से टैक्स का बंटवारा किया था।
वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि सरहदी इलाकों में खासकर गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का का एक बड़ा हिस्सा बॉर्डर से जुड़ा है, इसलिए पैकेज में इन पांच जिलों पर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पंजाब के उद्योगों को भी टैक्स में विशेष छूट देने की मांग की है, क्योंकि जिस प्रकार हिमाचल और जेएंडके सरहदी इलाके हैं, उसी तरह पंजाब को भी उन्हीं चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
पंजाब सरकार ने आयोग के समक्ष अपने पूंजीगत व्यय को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 1.50 प्रतिशत तक बढ़ाने का दावा किया है। पूंजीगत व्यय के तहत सरकार मशीनरी, उपकरण, भवन, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा आदि के विकास पर खर्च करेगी। इसके अलावा सरकार द्वारा भूमि जैसी अचल संपत्तियों के अधिग्रहण और भविष्य में लाभ या लाभांश देने वाले निवेश किए जाएंगे। सरकार ने अपने कर्ज को कम करने का आयोग से वादा किया गया है। वह अपने कर्ज को एक से डेढ़ प्रतिशत तक जीएसडीपी के अनुसार करेंगे। इसके अलावा अपने राजस्व को बढ़ाने की बात कही।
वर्ग 16वें आयोग से 15वें आयोग में इतना रहा
जनसंख्या 15 (पांच प्रतिशत अनुसूचित जाति और 2.50 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिकों) 15 प्रतिशत
भौगोलिक 12.50 प्रतिशत 15 प्रतिशत
वन आवरण 7.50 प्रतिशत 10 प्रतिशत
जनसांख्यिकीय प्रदर्शन 12.50 प्रतिशत 12.50 प्रतिशत
इनकम डिस्टेंस 47.50 प्रतिशत 45 प्रतिशत