दूसरी ओर, विधायक राजा वड़िंग काफी देर तक बरिंदर ढिल्लों को मनाते रहे। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ढिल्लों ने कहा कि नवजोत सिद्धू द्वारा दोहरी बात कही जा रही है, जो मुझे गलत लगी और मैंने उनसे सवाल पूछ लिया। हाईकमान को भी ऐसे नेताओं का पता लगाना चाहिए जिन्होंने पार्टी को नुकसान पहुंचाया है, पार्टी को हराया है और पार्टी में धड़ेबंदी को हवा दी है। ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। धरनास्थल पर एक तरफ तो सिद्धू और ढिल्लों के बीच विवाद चल रहा था, वहीं पार्टी के बाकी सीनियर नेता पत्रकारों से बातचीत में व्यस्त रहे। उन्होंने सिद्धू और ढिल्लों के बीच विवाद टालने की कोई कोशिश नहीं की।
जिस काम को आए थे, वह नहीं किया
कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ऐसे मौके पर अपनी ही पार्टी के नेताओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करना सही नहीं है। हम जिस काम के लिए आए थे, वह नहीं किया। हमें महंगाई को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए थी। विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा भी इस प्रकरण से काफी नाराज दिखाई दिए, उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा तमाशा ओर क्या किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि जो भी हुआ, गलत हुआ। सबको अनुशासन में रहना चाहिए था लेकिन आज तो अनुशासनहीनता की हद हो गई। कांग्रेसी नेता मदन लाल जलालपुर ने कहा कि चुनाव के दौरान भी एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी होती रही, जिसके चलते पार्टी इस कगार पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि हाईकमान को कड़ा कदम उठाना चाहिए।