राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद कैप्टन विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे, हालांकि उनके समर्थक सभी विधायकों ने इसमें शिरकत की। विधायक दल की बैठक में 79 विधायक और पार्टी हाईकमान द्वारा नियुक्त किए गए तीन आब्जर्वर भी उपस्थित रहे। वहीं, आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक सुखपाल सिंह खैरा, जगदेव सिंह कमालू, निर्मल सिंह खालसा और निर्मल सिंह मनशिआ भी कांग्रेस भवन में मौजूद थे लेकिन उन्हें विधायक दल की बैठक में प्रवेश नहीं दिया गया।
बैठक के बाद, पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से दो प्रस्ताव पारित किए गए हैं। एक प्रस्ताव पारित कर विधायकों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह का धन्यवाद किया और पार्टी के प्रति उनके योगदान की सराहना की, जबकि दूसरा प्रस्ताव पारित कर नया मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार पार्टी हाईकमान को सौंप दिया।
रावत ने आगे कहा कि विधायक दल के नए नेता का एलान जल्द ही कर दिया जाएगा। कैप्टन की तारीफ करते हुए रावत ने कहा कि कैप्टन ने अपने कार्यकाल के दौरान अपनी काबलियत से काम किया है और पंजाब को एक अच्छी सरकार दी है। उन्होंने कहा कि भले ही कैप्टन को इस दौरान चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने इन चुनौतियों के हल भी तलाशे। इस मौके पर अजय माकन ने कहा कि जहां एक प्रस्ताव पारित कर कैप्टन अमरिंदर सिंह का धन्यवाद किया गया है, वहीं पार्टी यह उम्मीद भी करती है कि कैप्टन भविष्य में भी पार्टी का इसी तरह मार्गदर्शन करते रहेंगे।
सुनील जाखड़ होंगे अगले मुख्यमंत्री
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम हुई बैठक में विधायक दल ने सर्वसम्मति से सुनील जाखड़ को अपना नेता चुन लिया है। हालांकि इसकी विधिवत घोषणा सोनिया गांधी द्वारा ही की जाएगी। घोषणा के तुरंत बाद सुनील जाखड़ राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। सुनील जाखड़ पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। हाल ही में हाईकमान ने उनसे यह पद लेकर नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश प्रधान बनाया था। उल्लेखनीय उस समय भी सुनील जाखड़ ने बातचीत के दौरान ये संकेत दिए थे कि पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपना चाहती है।