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चंडीगढ़ पर पंजाब-हरियाणा आमने-सामने: खफा सुनील जाखड़ का इशारा, दो बिल्लियों की लड़ाई से चालाक बंदर खुश

Mon, 04 Apr 2022 08:10 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सुनील जाखड़ ने किसी का नाम लिए बिना इतना ही लिखा- और विजेता है - आगे उन्होंने ‘चालाक बंदर और दो बिल्लियां’ कहानी का पोस्टर लगा दिया है, जिसमें दो बिल्लियां रोटी लिए बैठी हैं और निकट ही एक बंदर पेड़ की शाखा से झूलता हुआ मुस्कुरा रहा है।
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सुनील जाखड़ का ट्वीट - फोटो : @sunilkjakhar
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विस्तार
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चंडीगढ़ के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के बीच फिर से खिंची तलवारों से पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ खासे खफा हैं। हालांकि उन्होंने दोनों राज्यों के बीच इस विवाद को लेकर केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया है। सोमवार को उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर स्कूली बच्चों को पढ़ाई जाने वाली एक पुरानी कहानी ‘चालाक बंदर और दो बिल्लियां’ का पोस्टर अपलोड किया। 

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उन्होंने लिखा कि सिंघु/टीकरी बॉर्डर पर पंजाब-हरियाणा के लोगों के बीच गहरी मित्रता और भाईचारा, चंडीगढ़ के खो चुके मुद्दे पर बढ़ते गुस्से और कटुता का पहला शिकार होगा। इसका कारण यह है कि हरियाणा भी एक विशेष सत्र आयोजित करने जा रहा है ताकि पंजाब को उपयुक्त जवाब दिया जा सके।

आगे जाखड़ ने किसी का नाम लिए बिना इतना ही लिखा- और विजेता है - आगे उन्होंने ‘चालाक बंदर और दो बिल्लियां’ कहानी का पोस्टर लगा दिया है, जिसमें दो बिल्लियां रोटी लिए बैठी हैं और निकट ही एक बंदर पेड़ की शाखा से झूलता हुआ मुस्कुरा रहा है। जाखड़ ने अपने इस ट्वीट में किसी को टैग तो नहीं किया लेकिन एक कहानी का पोस्टर लगाकर यह संकेत अवश्य दे दिया कि दोनों राज्यों की लड़ाई से तीसरा पक्ष खुश है।
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चंडीगढ़ के बहाने केंद्र का निशाना पंजाब के पानी पर: जाखड़
सुनील जाखड़ ने कहा है कि केंद्रीय सेवा नियम के बहाने केंद्र की भाजपा सरकार ने पंजाब में नेतृत्व की क्षमता को परखने की कोशिश की है, जबकि केंद्र का असली निशाना पंजाब का पानी है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के बहाने केंद्र पंजाब के पानी पर नजर गड़ा रहा है लेकिन उसके लिए पंजाब के पानी पर नजर रखना बिजली के नंगे तारों को छूने जैसा साबित होगा। जाखड़ ने कहा कि इससे पहले भी केंद्र सरकार ने देश और खासकर पंजाब के किसानों से मुंह की खाई है और अब उम्मीद है कि केंद्र ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे तनाव का माहौल बने। 

उन्होंने कहा कि एक बात सभी को समझ लेनी चाहिए कि चंडीगढ़ के किसी भी कर्मचारी संघ ने चंडीगढ़ सेवा नियम के खिलाफ आवाज नहीं उठाई और न ही कर्मचारियों की ओर से कोई विरोध या ऐसी कोई मांग की गई फिर भी अपने दौरे के दौरान अमित शाह ने चंडीगढ़ के कर्मचारियों के बारे में विशेष घोषणा की, जोकि एक साजिश की ओर इशारा करती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और अमित शाह को चंडीगढ़ में निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली विभाग के कर्मचारी नहीं दिखे, जिन्होंने चंडीगढ़ की बिजली भी ठप कर दी थी। उन्होंने कहा कि केंद्र को चंडीगढ़ की जमीनों की बिक्री का पैसा भी पंजाब को 60-40 के अनुपात में देना चाहिए।

27 गांव उजाड़कर बनाया चंडीगढ़, पंजाब का रहेगा: सिद्धू
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने सोमवार को अपने ट्विटर हैंडल पर अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को टैग करते हुए लिखा कि पंजाब के 27 गांवों को उजाड़कर बनाया चंडीगढ़, पंजाब का था और रहेगा। सिद्धू ने हिंदी भाषा में किए ट्वीट में लिखा- कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना... चंडीगढ़ तो बहाना है, पंजाब के दरियाओं के पानी पर निशाना है।

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