उधर, नाराज सिद्धू ने चंडीगढ़ में अपने समर्थक कैबिनेट मंत्री और विधायकों के साथ आगे की रणनीति तैयार की। बैठक में तय किया गया कि रणनीति के तहत सिद्धू एक दो-दिन में आलाकमान से बात करेंगे, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद राजनीति का पारा और चढ़ गया। सिद्धू गुरुवार शाम साढ़े पांच बजे कैबिनेट मंत्री सुखविंदर सिंह रंधावा के सरकारी आवास पर पहुंचे।
कुछ ही देर में वहां कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, चरनजीत सिंह चन्नी और सुखविंदर सिंह सरकारिया भी पहुंच गए। धीरे-धीरे सिद्धू गुट के विधायक परगट सिंह, कुशलदीप, सुखजीत सिंह, वरिंदर मीत सिंह, कुलवीर जीरा और कुलजीत सिंह सर्किट हाउस स्थित रंधावा के सरकारी आवास पहुंच गए। सिद्धू ने रात आठ बजे तक समर्थक मंत्रियों और विधायकों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की।
अमरिंदर सिंह ने भी बुलाई आपात बैठक
सूत्रों के हवाले से खबर आई कि कैप्टन ने एक आपात बैठक बुला ली है। बैठक में सीएम के राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर भी मौजूद रहेंगे। संभावना है कि पीके राहुल गांधी का संदेश देंगे और नवजोत सिद्धू के बारे में भी इनपुट लेंगे। ये बैठक देर रात सीएम के चंडीगढ़ आवास पर होगी। ऐसे में शुक्रवार की सुबह पंजाब की राजनीति में कुछ बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाने पर अड़े कैप्टन
सूत्रों के मुताबिक पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनाने पर अड़ गए हैं। वह इस पद पर एक हिंदू नेता को बैठाने पर राजी हैं। हाईकमान से बात कर कैप्टन ने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है।