पंजाब में विधानसभा चुनाव के मौजूदा माहौल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पर गंभीर पारिवारिक आरोप लगे हैं। खास बात यह है कि ये आरोप किसी बेगाने ने नहीं बल्कि अमेरिका में रहने वाली उनकी बड़ी बहन सुमन तूर ने लगाए हैं। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में शुक्रवार को बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुमन तूर ने कहा कि 1986 में पिता भगवंत सिंह की मौत के बाद नवजोत सिद्धू ने मेरी मां और बड़ी बहन को घर से निकाल दिया और 1989 में रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मां की मौत हो गई, जबकि वह लावारिस नहीं थी।
सुमन ने बताया कि पिता की मौत के बाद सिद्धू ने पिता के मकान पर कब्जा कर लिया। 1987 में एक इंटरव्यू के दौरान सिद्धू ने झूठ बोला था कि उनके माता-पिता कानूनी तौर पर अलग हो गए थे। इसे लेकर उनकी मां ने सिद्धू पर केस भी किया था। उन्होंने कहा कि सिद्धू अपने परिवार के दुख-सुख में कभी शामिल नहीं हुए। जब उनकी बड़ी बहन की मौत हुई तो वह अकेली रह गईं अपनी भांजी को अपने साथ विदेश ले गईं, जिसका आज एक स्पेशल बच्चा है लेकिन नवजोत सिद्धू ने कभी उनके परिवार की सुध नहीं ली।
सुमन तूर ने कहा- हमने बहुत मुश्किल समय देखा। मेरी मां चार महीने अस्पताल में रही। मैं जो भी दावा कर रही हूं, उसके दस्तावेजी सबूत मेरे पास हैं। उन्होंने नवजोत सिद्धू को भी चुनौती दी कि वह कोई ऐसा सबूत पेश करें, जिससे साबित हो कि हमारी मां हमारे पिता से अलग हो गई थीं। उन्होंने कहा कि पिता की मौत के तुरंत बाद सिद्धू ने संपत्ति हड़पने के लिए मां और बड़ी बहन को घर से निकाल दिया। सुमन तूर ने दावा किया कि वह 10 जनवरी को नवजोत सिद्धू से मिलने गई थीं लेकिन उन्होंने मिलने से इनकार कर दिया और घर का दरवाजा भी नहीं खोला। इसके बाद ही उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर मजबूर होना पड़ा।