अकाली-भाजपा गठबंधन के बीच चल रही तकरार का दर्द आखिरकार मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की जुबां पर आ ही गया। बादल ने वीरवार को कहा कि गठबंधन के नेता अपनी हद में रहें।
वे सब्र का बांध नहीं तोड़ें और मीडिया या जनता के समक्ष ऐसी बात न करें जिससे गठबंधन कमजोर हो। बादल नई अनाज मंडी में शहीद ऊधम सिंह के राज्यस्तरीय बलिदान दिवस समागम के मौके पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इस मौके पर उन्होंने भाजपा के मंत्री अनिल जोशी तथा अकाली दल के प्रवक्ता महेशइंदर सिंह गरेवाल के बीच चल रही बयानबाजी पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिन से दोनों दल के नेता ऐसी बात कर रहे हैं जिससे उनका मन दुखी हुआ है।
मुख्यमंत्री ने पंजाब को माना सूखा प्रभावित प्रदेश
मुख्यमंत्री बादल ने पंजाब को सूखा प्रभावित प्रदेश मानते हुए केंद्र सरकार से तुरंत दो हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज मांग की है।
साथ ही पंजाब से 50 बडे़ उद्योगों के पलायन करने की आ रही खबरों को नकारते हुए कहा कि सूबे से वर्तमान समय में कोई भी उद्योग पलायन नहीं कर रहा है।
पंजाब सरकार शहीदों की याद में जंग-ए-आजादी यादगार पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। करतारपुर के नजदीक शहीदों की बन रही यह यादगार जल्द पंजाब के लोगों को समर्पित कर दी जाएगी।
इस मौके पर वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, प्रकाश चंद गर्ग, बलवीर सिंह घुन्नस, सुशील गोयल, रविंदर सिंह, राजीव गर्ग, कुलभूषण गोयल, विनोद गुप्ता, पंडित रामकरण शर्मा, हरप्रीत सिंह ढींढसा मौजूद थे।
भाजपाई मंत्रियों का फेरबदल फिलहाल टला
महीने भर चली उठापटक के बाद पंजाब के भाजपाई मंत्रियों और प्रदेश पदाधिकारियों को बदलने का मामला फिलहाल टल गया है। अमित शाह की नई टीम के गठन तक बदलाव की प्रक्रिया स्थगित रहने की संभावना है।
पंजाब भाजपा प्रभारी शांता कुमार ने इसकी पुष्टि की है। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में शांता कुमार ने कहा कि पंजाब में लोकसभा चुनाव के दौरान अकाली-भाजपा गठबंधन का प्रदर्शन असंतोषजनक रहने के बाद गठित समीक्षा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर बदलाव से संबंधित निर्णय ले लिया गया था, लेकिन नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद मामला टल गया है।
फिलहाल बदलाव नहीं किया जा रहा तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नए सहयोगी पदाधिकारियों की नियुक्ति के बाद ही इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा।
दो मंत्रियों को बदले जाने की योजना थी
ध्यान रहे कि समीक्षा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर पंजाब की गठबंधन सरकार में शामिल भाजपा के चार मंत्रियों में से दो को बदलने का फैसला हो गया था। पार्टी की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और प्रदेश विधायक दल के पूर्व नेता मनोरंजन कालिया को नए मंत्रियों रूप में कैबिनेट में शामिल करने पर सहमति भी बन गई थी। इस बीच राजनाथ सिंह के इस्तीफे के बाद अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए और मामला लटक गया।
बयानबाजी पर सख्त नोटिस
शांता कुमार ने कहा कि पंजाब में टैक्सों के मुद्दे पर भाजपा की तरफ से चल रही बयानबाजी का आला कमान ने सख्त नोटिस लिया है। खासतौर पर मंत्रियों से कहा गया है कि वह सरकार के प्रति कोई भी शिकायत होने पर पार्टी हाईकमान या मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के ध्यान में बात लाएं और सार्वजनिक बयानबाजी से बचें।