फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज चन्नी का राजस्थान दौरा: जयपुर में करेंगे अशोक गहलोत से मुलाकात, पानी के बंटवारे व पंजाब की सियासत पर होगी चर्चा

Tue, 05 Oct 2021 03:22 AM IST
ajay kumar अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी 11 बजे जयपुर पहुंचेंगे। जहां वह राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ लंच करेंगे और दोनों राज्यों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। 2.15 बजे वह राजस्थान से वापसी करेंगे। पंजाब के पर्यवेक्षक हरीश चौधरी भी इस दौरान चन्नी के साथ रहेंगे।
विज्ञापन
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब-राजस्थान के बीच नहरी पानी के बंटवारे को लेकर कई साल से चला आ रहा विवाद अब सुलझने की उम्मीद है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मंगलवार को राजस्थान दौरे पर अपने समकक्ष अशोक गहलोत के समक्ष लंच के दौरान यह मुद्दा उठाएंगे। कयास यह भी हैं कि इन दिनों पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह को लेकर भी चन्नी राजस्थान के मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करेंगे।

विज्ञापन


पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बीच रावी-ब्यास नदी विवाद वर्षों से चला आ रहा है। जल बंटवारे का सफरनामा वर्ष 1955 में केंद्र सरकार ने राज्यों की सहमति से रावी और ब्यास नदी के पानी को राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में बांटने की बात तय की थी। तब से लेकर आज तक तीनों राज्यों में पानी बंटवारे को लेकर विवाद चला आ रहा है। 

हरियाणा के साथ ही पंजाब और राजस्थान के बीच भी नहरी पानी के बंटवारे को लेकर अभी तक विवाद चले आ रहे हैं। नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सूबे की सभी गंभीर मुद्दों पर तेजी से काम कर रहे हैं। मंगलवार को चन्नी राजस्थान दौरे पर हैं, जहां दोनों मुख्यमंत्री पंजाब के सियासी मुद्दों के साथ ही पानी बंटवारे को लेकर भी चर्चा करेंगे। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि पंजाब विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, ऐसे में अशोक गहलोत के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री सूबे के सियासी हालात पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

कैप्टन ने यहां तक पहुंचाई थी बात

सितंबर में तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की दोनों राज्यों के बीच पानी विवाद को लेकर एक बैठक हुई थी। जिसमें दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच कॉमन कैरियर सरहिंद फीडर की मरम्मत के लिए सहमति बनी थी। फीडर के क्षतिग्रस्त 55 किलोमीटर के क्षेत्र की मरम्मत के कार्य को लेकर निविदाएं आमंत्रित करने पर कैप्टन ने सहमति जताई थी।

मई 2022 तक पूरी होनी है मरम्मत
राजस्थान के मुख्यमंत्री के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बनी थी। इसमें एक मुद्दा यह भी था कि राजस्थान को 25 सालों से मात्र 200 से 300 क्यूसेक पानी ही मिल रहा था। राजस्थान के हिस्से का 1368 क्यूसेक पानी अभी पंजाब ही इस्तेमाल कर रहा है। दोनों के बीच हुई बैठक में फीडर के मरम्मत पर सहमति बनने के बाद 2022 तक काम पूरा होने की संभावना है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें