आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने पंजाब में चुनावी रैलियां शुरू कर दी हैं। गुरुवार को सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने फिरोजपुर के हलका गुरुहरसहाय से चुनावी रैली का आगाज किया। इसके बाद वह मोगा के हलका बाघापुराना में रैली करने पहुंचे और फिर अंत में उन्होंने मोगा में अग्रवाल समाज की ओर से आयोजित जनसभा को संबोधित किया।
सीएम के इस पूरे कार्यक्रम का गुरुहरसहाय समेत बाघापुराना व मोगा में विभिन्न जत्थेबंदियों ने काले झंडे दिखा कर विरोध किया। बाघापुराना में सीएम चन्नी ने लड़कियों के लिए नर्सिंग कॉलेज व शहीद भगत सिंह के नाम पर खेल स्टेडियम बनाने के वादे को जल्द पूरा करने का एलान किया।
वहीं रायकोट से आम आदमी पार्टी के विधायक जगतार सिंह जग्गा को सीएम चन्नी व नवजोत सिद्धू ने सिरोपा पहना कर कांग्रेस में शामिल किया। मोगा में अग्रवाल सभा की ओर से आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम चन्नी ने अग्रवाल समाज के लोगों को सच्चा देश भक्त बताया।
सीएम चन्नी ने खासकर अग्रवाल समाज के लोगों से वादा किया कि वह जल्दी ही उनकी हर छोटी बड़ी समस्या को दूर करेंगे। वहीं अपने संबोधन से पहले चन्नी ने मोगा-लुधियाना रोड पर शहर की एंट्री पर जस्सा सिंह रामगढ़िया के बुत का उद्घाटन किया और शहर की दाना मंडी में महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित की।
बाहरी लोगों को सत्ता नहीं देंगे पंजाबी
सीएम चन्नी ने बाघापुराना में कहा कि पंजाब के लोग किसी भी कीमत पर बाहरी व्यक्ति को पंजाब की सत्ता नहीं देंगे। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि असल में पंजाब में सरकार के कामों को देखकर केजरीवाल बौखला गए हैं, इसी कारण से वह उन्हें नकली केजरीवाल कह रहे हैं।
पंजाब में सरकार बनने पर महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये देने की घोषणा पर निशाना साधते हुए सीएम चन्नी ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में कितनी महिलाओं को एक हजार रुपये दिए हैं, पहले यह पंजाब के लोगों को बताएं। सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए सीएम चन्नी ने कहा कि सुखबीर की केबल माफिया पर ईडी की कार्रवाई का वह स्वागत करते हैं, बेशक यह फैसला देरी से ही लिया गया है।
मुख्यमंत्री का घेराव कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी विभिन्न जत्थेबंदियों के विरोध के चलते फोरलेन सड़क व स्वागती गेट का उद्घाटन किए बिना ही गुरुहरसहाए से लौट गए। उनके गुरुहरसहाए पहुंचते ही जत्थेबंदियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। कई प्रदर्शनकारी चन्नी की गाड़ी के आगे लेट गए। पुलिस को भीड़ खदेड़ने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा है।
पूर्व खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी के निवास स्थान पर आयोजित एक जनसभा को मुख्यमंत्री चन्नी संबोधित कर रहे थे। तभी प्रदर्शनकारियों ने वहीं पर नारेबाजी करना शुरू कर दी। कुछ लोगों ने एक प्रदर्शनकारी को पकड़कर बुरी तरह पीट दिया इसीलिए प्रदर्शनकारी भड़क उठे।
मुख्यमंत्री चन्नी खेल मंत्री की कोठी से जैसे ही उपमंडल प्रबंधकीय कांप्लेक्स व रेलवे स्काई वॉक पुल का नींव पत्थर रखने रवाना हुए तो किसान जत्थेबंदी, वाटर सप्लाई कच्चे मुलाजिम, आंगनबाड़ी वर्कर, पीटीआई टीचर व अन्य जत्थेबंदियों ने विरोध करना शुरू कर दिया, जो कोर्ट कांप्लेक्स तक जारी रहा।
कोर्ट कांप्लेक्स से निकल कर सीएम का काफिला लौटने लगा तो सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (कन्या) के सामने ईजीएस टीचर सड़क पर लेट गए और काफिला रोक दिया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और वहां से सीएम का काफिला रवाना हुआ। गुरुहरसहाए में हालात नाजुक बनते देख चन्नी उपमंडल प्रबंधकीय कांप्लेक्स और रेलवे स्काई वॉक पुल का नींव पत्थर रखने के बाद यहां से लौट गए।
गुरुद्वारे में बिताएंगे रात
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार की रात उसी गुरुद्वारे में बिताने का फैसला किया, जहां वह 2016 में अपनी साइकिल यात्रा के दौरान रुके थे।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उस समय पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता चन्नी ने तत्कालीन शिअद-भाजपा सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पूरे पंजाब में साइकिल यात्रा शुरू की थी।