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सीएम चन्नी का आरोप: भाजपा के इशारे पर गवर्नर ने रोकी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की फाइल, दी धरने की चेतावनी

Sat, 01 Jan 2022 03:28 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सीएम चरणजीत चन्नी ने कहा कि दो दिसंबर तक उनकी सरकार ने 60 काम किए थे और आज 1 जनवरी 2022 तक 40 और काम किए हैं।
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सीएम चरणजीत चन्नी। - फोटो : twitter @CHARANJITCHANNI
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विस्तार
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पंजाब में राज्य सरकार व राज्यपाल के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आरोप लगाया कि पंजाब के 36000 कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की फाइल राज्यपाल ने रोक रखी है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर राज्यपाल ने जल्दी ही फाइल को पास नहीं किया तो वह पूरी मंत्रीमंडल के साथ पंजाब राजभवन के बाहर धरना देंगे। 

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अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर 100 कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने भाजपा के इशारे पर फाइल रोकी हुई है। राज्य के मुख्य सचिव कई बार इस मुद्दे पर राजभवन जाकर राज्यपाल से मिल चुके हैं, लेकिन फाइल क्लीयर नहीं हो रही। राज्यपाल भाजपा से संबंधित हैं, इसलिए उन्होंने पंजाब सरकार की विभिन्न फाइलें जानबूझकर रोक रखीं है, ताकि चुनाव आचार संहिता लागू हो जाए और कांग्रेस द्वारा लोगों से किए वादे पूरे न हो पाएं।

चन्नी ने कहा कि उनकी सरकार कच्चे मुलाजिमों को जल्द पक्का करना चाहती है, लेकिन यह प्रस्ताव इस समय राज्यपाल के आफिस में पड़ा है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी इस प्रस्ताव के बारे में राज्यपाल से आग्रह कर चुके हैं। लेकिन राजभवन से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके पीछे कहीं न कहीं भाजपा के लोग हैं। भाजपा नहीं चाहती थी कि राज्य के कर्मचारियों को कोई लाभ हो। इस फाइल के अलावा राज्यपाल के पास कई अन्य बिल भी अटके हैं। 

कोर्ट के आदेश पर मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई : चन्नी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नशे के खिलाफ लड़ाई जारी है और किसी भी दोषी को भागने नहीं दिया जाएगा। अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार की गई है और यह एसटीएफ की जांच पर आधारित है। इस मामले में सरकार कानून के अनुसार ही काम कर रही है और किसी के भी खिलाफ राजनीतिक रंजिश के तहत कुछ नहीं किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री चन्नी का सिद्धू पर शायराना कटाक्ष... जाते-जाते बेकरारी जाएगी

आते-आते आएगा दिल को करार। जाते-जाते बेकरारी जाएगी। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का यह शायराना जवाब उस सवाल पर था, जिसमें शनिवार को पत्रकारों ने उनसे नवजोत सिद्धू द्वारा सरकार के काम पर बार-बार सवाल खड़े किए जाने के बारे में पूछा था। पहले तो मुख्यमंत्री ने इसे टाला, फिर शेर पढ़कर मुस्कुरा दिए।

अपने 100 दिन के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के लिए बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों ने सरकार की उपलब्धियों के इतर सवाल पूछे। इनमें नवजोत सिद्धू के सरकार और मुख्यमंत्री के प्रति व्यवहार के बारे में भी पूछा गया। वैसे मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह सिद्धू के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं और मिलकर काम कर भी रहे हैं। सिद्धू उनकी सरकार के कार्यों पर सवाल खड़े करते रहते हैं, इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा- रहने दो। इस मसले पर न ही बुलवाओ।

उन्होंने आगे कहा कि रेत माफिया खत्म कर दिया गया है और अफसर दावा कर रहे हैं कि 5 रुपये फुट रेत ही खड्ड से निकाली जा रही है। आगे रेत के दाम में परिवर्तन होता है। उन्होंने केबल माफिया के बारे में कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का विषय है। चन्नी ने यह भी कहा कि कैप्टन सरकार के समय सिद्धू ने इस पर कानून बनाया था, लेकिन वह सही नहीं बन सका था। फिर भी उनकी सरकार इस मसले को अवश्य हल करेगी।

मेरा न कोई ओएसडी, सलाहकार, न पीए

सरकार के खर्च को कम करने और पूर्व मुख्यमंत्रियों के बाद सरकारी आवास के नाम पर दो-दो बंगले रहने बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में चन्नी ने कहा- पहले मुख्यमंत्री के पास ओएसडी और सलाहकारों की बड़ी फौज थी, जिस कारण सरकार को फिजूल ही लाखों रुपयों का बोझ उठाना पड़ रहा था। इस फौज के लिए ही मुख्यमंत्री दूसरा बंगला रखा करते थे, लेकिन न तो मेरा कोई ओेएसडी है, न सलाहकार और न ही मेरा कोई पीए है। चन्नी ने यह भी कहा कि मैंने मुख्यमंत्री का एक भी बंगला नहीं लिया है और मंत्री के रूप में जो मकान मुझे अलाट हुआ था, मैं उसी में रह रहा हूं। उन्होंने पहले ही दिन से इस तरीके से कामकाज शुरू किया कि मुख्यमंत्री से जुड़े स्टाफ का बोझ कम से कम रहे।

राजभवन में धरने की बजाए इस्तीफा दें चन्नी : आप

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने बेतुके ऐलानों की जमीनी हकीकत को खुद ही कबूलना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री चन्नी को सार्वजनिक तौर पर सच कबूल किया है कि 36000 कच्चे कर्मचारी पक्के नहीं हुए हैं। आप भी कहती रही है कि कच्चे मुलाजिम पक्के नहीं हुए। पार्टी चन्नी समेत पूरी कांग्रेस सरकार को खुली चुनौती देती है कि  36000 तो दूर केवल 36 कर्मचारियों के नाम ही बता दें, जिनकी सेवाएं चन्नी सरकार ने पक्की की हों। चीमा ने सवाल किया कि क्या सरकार के धरने देने से मामला हल हो जाएगा? चन्नी सरकार की पोल खुल चुकी है। ऐसे में राजभवन के पास धरना देने की बजाए नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने संबधी पूरे पंजाब में लगाए होर्डिंग्स पर खर्च सरकारी पैसे की भरपाई अपनी जेब से करनी चाहिए।
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सौ दिन में 100 फैसलों को लागू करने का दावा

अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक रिपोर्ट कार्ड जारी कर बताया कि इन 100 दिनों में राज्य सरकार जनता और प्रदेश के हित में 100 बड़े काम करने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को काम करने का बहुत कम समय मिला है, लेकिन इतने समय में भी सरकार ने बहुत तेजी से काम किए हैं।

इस संबंध में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 2 दिसंबर को सरकार के 60 दिन पूरे होने पर 60 उपलब्धियां गिनाई थीं। उस समय भी उनकी सरकार द्वारा लिए गए सभी 60 फैसले लागू कर दिए गए थे और अब 40 दिन में 40 और काम पूरे किए गए हैं। नए फैसलों की जानकारी देते हुए चन्नी ने कहा कि मिड-डे मील वर्करों को अब तक मिल रहा 2200 रुपये का मेहनताना बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है, जो इसी माह से मिलने लगेगा। इसी तरह 21418 आशा वर्कर, जिन्हें केवल कमीशन ही मिलता था, को अब कमीशन के साथ मासिक 2500 रुपये भी दिए जाएंगे। कालेज व यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों के लिए बस पास मुफ्त कर दिए गए हैं और इस फैसले को 1 जनवरी से ही लागू कर दिया गया है। फिलहाल विद्यार्थी अपना कालेज कार्ड दिखाकर सफर कर सकते हैं और उन्हें चाहिए कि वह 31 मार्च तक अपने बस पास बनवा लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को 25000 ईडब्ल्यूएस मकान बनाकर दिए जाएंगे, जिसके लिए 4000 रुपये मासिक की आसान किस्त देनी होगी और यह मकान लाटरी सिस्टम से अलाट किए जाएंगे। चमकौर साहिब में बनाए गए थीम पार्क ‘दास्तान-ए-शहादत’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि यह पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का भी ड्रीम प्रोजेक्ट था। उन्होंने कहा कि सरकार ने पंजाबी फिल्म व टेलिविजन विकास काउंसिल का गठन कर दिया है, जिसके पंजाबी कल्चर को देश-विदेश तक प्रसारित करने में और मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य एजेंडा रोजगार के अवसर बढ़ाना है, इसलिए सरकार रोजगार गारंटी कानून लेकर आ रही है, ताकि अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके।

ये हैं चन्नी सरकार द्वारा पूरे किए गए नए काम

- सूबे के 42205 मिड-डे मील वर्करों का मेहनताना 2200 से बढ़ाकर 3000 रुपये मासिक किया।
- 21418 आशा वर्करों व फेसीलिटेटरों का फिकस्ड भत्ता 2500 रुपये मासिक किया।
- पंजाब राज्य सामान्य वर्ग आयोग की स्थापना
- मालेरकोटला में हल हाउस बनाने के लिए पालिसी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।
- जल सप्लाई स्कीमों के उपभोक्ताओं को पानी के बकाया बिल माफ। 24 लाख परिवारों को 500 करोड़ रुपये की राहत।
- नंबरदारों की भरती में अनुभव को मिलेगी तरजीह। नंबरदारों को अपने बच्चों को प्रशिक्षित करने का दिया मौका।
- राजासांसी (अमृतसर) को सब-तहसील का दर्जा।
- घड़ुआं (एसएएस नगर) को सब-तहसील का दर्जा।
- दोरांगला (गुरदासपुर) को सब-तहसील का दर्जा।
- औड़ (एसबीएस नगर) को सब-तहसील का दर्जा।
- कोविड-19 के दौरान कांट्रेक्ट कैरेज वाहनों, धार्मिक संस्थाओं के वाहनों और 35 सीट तक के स्टेज कैरेज को मोटर वाहन टैक्स में छूट।
- स्टेज कैरेज बसों, शैक्षिक संस्थानों की बसों और धार्मिक संस्थाओं की बसों को मोटर व्हीकल टैक्स में छूट।
- राज्य के सभी कालेज विद्यार्थियों को मुफ्त बस सेवा।
- म्यूनिसिपल सीमाओं के बाहर बनी इमारतों को ‘जैसी हैं’ के आधार पर नियमित करने का फैसला।
- पंजाब ईडब्ल्यूएस हाउसिंग स्कीम 2021 के तहत गरीब वर्गों को 25000 मकान देने का फैसला।
- डेवलपरों को ब्याज में राहत दी। 10 फीसदी साधारण ब्याज दर और 3 फीसदी जुर्माना ब्याज दर घटाकर 8.5 फीसदी की। नए प्रोजेक्टों के लिए ब्याज दर 10 से घटाकर 7.5 फीसदी की।
- अर्बन एस्टेट फेस-2 और 3 बठिंडा में बीडीए जमीन के कब्जा धारकों को ऐडजस्ट किया।
- सारागढ़ी के शहीद हवलदार ईशर सिंह के नाम पर गांव झोरड़ा जिला लुधियाना में अस्पताल की स्थापना।
- 13 कम्यूनिटी हेल्थ सेंटरों को सब-डिवीजन अस्पताल का दर्जा।
- 9 पीएचसी सेंटरों को कम्यूनिटी हेल्थ सेंटरों का दर्जा।
- 7 ग्रामीण अस्पतालों को पीएचसी का दर्जा।
- 775 मेडिकल स्टाफ के नए पदों का सृजन।
- श्री चमकौर साहिब में दास्तान-ए-शहादत जनता का समर्पित।
- पंजाबी फिल्म व टेलिविजन विकास काउंसिल का गठन।
- श्री गुरु रविदास बानी अध्ययन सेंटर कमेटी, डेरा सचखंड बल्लां जालंधर की स्थापना।
- श्री गोइंदवाल साहिब में नई जेल स्थापित।
- कृषि वर्ष 2022-23 के लिए लेबर व कारटेज की संशोधित पालिसी लागू।
- कृषि वर्ष 2022-23 के लिए अनाज की ढुलाई संबंधी संशोधित पालिसी लागू।
- 18 जून 2021 से पहले भरती हुए कांट्रैक्ट सफाई मुलाजिमों व सीवरमैनों को पक्का किया।
- सरकारी एडेड कालेजों में सहायक प्रोफेसरों और नान-टीचिंग स्टाफ के 1925 पदों को नियमित किया।
- सरहाला राणियां बंगा में सरकारी कालेज खोला।
- आदमपुर जालंधर में श्री कांशीराम सरकारी कालेज खोला।
- सभी प्राइवेट व एडेड स्कूलों व कालेजों के लिए छठा वेतन आयोग लागू।
- लखीमपुर खीरी की घटना में मारे गए 4 किसानों और 1 पत्रकार के परिवारों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया।
- तीन काले कानून के खिलाफ आंदोलन में शहीद किसानों का स्मारक बनाने के दस्तावेज तैयार।
- नशे के खिलाफ लड़ाई को अंतिम चरण तक ले जाना और दोषियों के खिलाफ एफआईआर।
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