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पंजाब: सोनिया गांधी को अमरिंदर सिंह का पत्र, चेताया- एक व्यक्ति को बढ़ाने के लिए पार्टी का बंटवारा होने से रोका जाए

Fri, 16 Jul 2021 09:17 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब कांग्रेस में सुलह के कोशिश के बीच पेंच और फंसता जा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को शुक्रवार को पत्र लिखा। उन्होंने हाईकमान के सामने हिंदू नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की दलील रखी। शनिवार को कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात करेंगे।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह, सोनिया गांधी, नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला
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विधायक नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी द्वारा शुक्रवार को 10 जनपथ स्थित अपने आवास पर बुलाए जाने की खबर फैलते ही पंजाब कांग्रेस में हलचल तेज हो गई। इससे पहले की यह बैठक शुरू होती, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी अपने ओएसडी नरिंदर भांब्री के हाथ सोनिया गांधी के नाम एक पत्र पहुंचा दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अप्रत्यक्ष तौर पर हाईकमान को चेताया कि एक व्यक्ति को आगे बढ़ाने की वजह से पार्टी का बंटवारा होने से रोका जाए। 

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जानकारी के अनुसार, कैप्टन का पत्र पहुंचते ही सिद्धू को लेकर बनी हवा थम गई और हाईकमान पत्र में कैप्टन द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार करने में व्यस्त हो गया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान पद को लेकर पार्टी मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने गुरुवार को जब से नवजोत सिंह सिद्धू के नाम की गैर-अधिकारिक घोषणा की, तभी से पंजाब कांग्रेस में हलचल तेज हो गई। 

सिद्धू शुक्रवार सुबह पटियाला से दिल्ली रवाना हुए तो यह माना जाने लगा कि सोनिया गांधी उनसे मुलाकात के बाद विधिवत तौर पर उन्हें प्रदेश प्रधान घोषित कर देंगी लेकिन सिद्धू के दिल्ली रवाना होते ही सांसद मनीष तिवारी ने ट्वीट कर प्रदेश प्रधान के पद पर हिंदू नेता की पैरवी कर दी। 

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उन्होंने अपने ट्वीट में पंजाब में धार्मिक आधार पर जनसंख्या के आंकड़े भी पेश किए, जिसके अनुसार सूबे में जनसंख्या के लिहाज से हिंदू-सिख आबादी के बाद दूसरे नंबर पर हैं। तिवारी का यह ट्वीट ऐसे समय में आया, जिससे साफ हो गया कि प्रदेश के कांग्रेस नेता सिद्धू को पार्टी की कमान सौंपने को लेकर एकमत नहीं हैं। 

यह लिखा कैप्टन की चिट्ठी में
दूसरी ओर, कैप्टन द्वारा ओएसडी के जरिए सोनिया गांधी को भेजी चिट्ठी के मजमून के बारे में सूत्रों से पता चला है कि कैप्टन ने सिद्धू को प्रदेश प्रधान न बनाने की बात कहते हुए पार्टी अध्यक्षा को अप्रत्यक्ष तौर पर चेताया है कि एक व्यक्ति को आगे लाने के लिए पार्टी का बंटवारा होने से रोका जाए। इस पत्र में कैप्टन ने सोनिया गांधी को प्रदेश में हिंदू और दलित जनसंख्या का हवाला देते हुए एक नया फॉर्मूला भी सुझाया है। 

हरीश रावत और सिद्धू भी खामोश
इस बीच, पता चला है कि सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सिद्धू और हरीश रावत के बीच भी बैठक हुई। हालांकि इस बैठक के बाद न तो सिद्धू और न ही हरीश रावत मीडिया से मुखातिब हुए। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सिद्धू के बारे में हाईकमान द्वारा लिए जाने वाले फैसले पर कैप्टन द्वारा सोनिया को भेजे पत्र ने दबाव बना लिया है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि सिद्धू को अगर प्रदेश प्रधान बना भी दिया गया तो उनके साथ मनीष तिवारी और चौधरी संतोख सिंह को कार्यकारी प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि कैप्टन को भी नाराज न किया जाए।
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