मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के छह सबसे अधिक प्रभावित जिले लुधियाना, एसएएस नगर (मोहाली), जालंधर, बठिंडा, पटियाला और अमृतसर हैं। मोहाली और दो अन्य जिलों में कंटेनमेंट जोनों की संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कंटेनमेंट और टेस्टिंग प्रणाली को मजबूत करने के लिए तुरंत कदम उठाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता भी जाहिर की कि राज्य के 14 जिलों में संक्रमण दर 10 प्रतिशत से अधिक है, जबकि पांच जिलों में 60 प्रतिशत से अधिक बेड भरे हुए हैं। मोहाली में 100 बिस्तरों वाले अस्थायी अस्पताल का ढांचा स्थापित किया जा रहा है, जबकि बठिंडा रिफाइनरी के नजदीक 250 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल बनाया जा रहा है, जहां रिफाइनरी से ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पटियाला और अमृतसर में 600 अतिरिक्त बिस्तरों के साथ पंजाब में और 2000 बिस्तरों का प्रबंध किया जा रहा है।
ठीक हुए मरीजों से ऑक्सीमीटर वापस लेने पर विचार
फतेह किटें खासकर ऑक्सीमीटर की कमी को देखते हुए कैप्टन ने मुख्य सचिव का सुझाव मानते हुए ठीक हो चुके मरीजों से ऑक्सीमीटर वापस लेने की बात कही, जिन्हें अच्छी तरह सैनिटाइज करने के बाद आगे प्रयोग के लिए दिया जाएगा। राज्य सरकार के कोविड विशेष ग्रुप के प्रमुख डॉ. केके तलवार ने कहा कि सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन का दुरुपयोग चेक करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश दिए जाएंगे। मुख्य सचिव विनी महाजन ने कहा कि गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ को सलाह दी गई है कि सीनेट मतदान फिलहाल न करवाए जाएं।
स्वास्थ्य सचिव हुसन लाल ने बताया कि पंजाब में इस समय संक्रमण दर 12 प्रतिशत है, जबकि एसएएस नगर (मोहाली) में सबसे अधिक 22.9 प्रतिशत है। मीटिंग में बताया गया कि अत्यधिक प्रभावित मोहाली जिले में 90 प्रतिशत बेड भरे हुए हैं। डिप्टी कमिश्नर गिरीश दयालन ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में मरीज आए हैं। अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर सुखचैन गिल ने ऑक्सीजन संकट पर चिंता जाहिर की। जिले में चार कंटेनमेंट और 32 माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। बठिंडा के डीसी ने कहा कि बठिंडा रिफाइनरी में 25 बिस्तरों की क्षमता वाला अस्पताल बनाया जा रहा है और ऑक्सीजन की सप्लाई रिफाइनरी से होनी है।
लुधियाना के डीसी वरिंदर कुमार ने कहा कि वर्धमान मिल के बंद पड़े ऑक्सीजन यूनिट को फिर चालू कर दिया गया है और एक अन्य को भी कार्यशील किया गया है। जिले में 30 अप्रैल तक संक्रमण दर 16 प्रतिशत पर है। यहां दिल्ली और गुरुग्राम समेत अलग-अलग स्थानों से बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं। इस समय पर जिले में 2 कंटेनमेंट और 8 माइक्रो कंटेनमेंट जोन हैं। मीटिंग में बताया गया कि पटियाला जिले में ऑक्सीजन के ऑडिट से मांग घटी है और जिले में कंटेनमेंट जोन बढ़ाए गए हैं और ऐसे जोनों में 100 प्रतिशत टेस्टिंग की जा रही है।