कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठे पंजाब कांग्रेस के नेता।
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पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर छह मंत्रियों और 48 से ज्यादा विधायक व कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। कैप्टन ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का समाधान करने के आदेश दिया। दूसरी ओर, पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने उम्मीद जताई कि पार्टी की पंजाब इकाई से संबंधित मुद्दों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। हरीश रावत ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात एक अच्छा संकेत है, जिससे जल्द ही कोई समाधान निकल सकता है।
पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान को शांत करने की कोशिशें पार्टी आलाकमान स्तर पर चल रही हैं, वहीं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने स्तर पर भी पार्टी विधायकों, मंत्रियों और सीनियर कांग्रेस नेताओं को एकजुट करने में लगे हैं। कैप्टन लगातार पंजाब कांग्रेस के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। गुरुवार को कैप्टन ने बटाला के सीनियर कांग्रेस नेता अश्विनी सेखड़ी को भी बुलाया था, जिनसे उन्होंने अलग से बातचीत की और उनकी नाराजगी को दूर किया। इसके अलावा कैप्टन ने अपने कैबिनेट मंत्रियों- ब्रह्म मोहिंदरा, सुंदर शाम अरोड़ा, भारत भूषण आशू, ओपी सोनी, विजय इदंर सिंगला और राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, सांसद मनीष तिवारी, सीनियर नेता लाल सिंह और विधायक राजकुमार वेरका से भी एक-एक कर मुलाकात की।
कैप्टन ने इन नेताओं के साथ प्रदेश की राजनीति और आगामी चुनाव को लेकर तैयार की जा रही रणनीति पर भी चर्चा की। सेखड़ी ने हिंदू वोट बैंक को लेकर चिंता जताई, जिस पर कैप्टन ने बाकी नेताओं को भी साफ कर दिया कि राज्य में किसी भी वर्ग की अनदेखी न होने पाए और चुनाव रणनीति के तहत कोई भी वर्ग छूटना नहीं चाहिए। कैप्टन ने इस संबंध में सेखड़ी द्वारा पहले भी जताई गई आशंकाओं को दूर करने का भरोसा जताया। इस दौरान नवजोत सिंह सिद्धू की नई दिल्ली में प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात को लेकर भी चर्चा हुई।