पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को पीजीआई में उपचाराधीन एएसआई हरजीत सिंह से बातचीत करके उनका हाल जाना और उनकी बहादुरी की तारीफ की। हरजीत का रविवार को पटियाला में निहंगों ने हाथ काट दिया था जिसे पीजीआई में ऑपरेशन के बाद जोड़ा गया था।
मुख्यमंत्री ने हरजीत सिंह की सफल प्लास्टिक सर्जरी पर खुशी जाहिर करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से उभरते हुए पूरी तरह तंदुरुस्त और स्वस्थ्य हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य को उन पर गर्व है। उन्होंने हरजीत सिंह से कहा कि यदि उन्हें किसी किस्म की भी जरूरत हो तो वह अस्पताल में मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के जरिये उन्हें (मुख्यमंत्री) बताएं।
एएसआई का हौसला बढ़ाते हुए कैप्टन ने अपने एक साथी का ऐसा ही तजुर्बा साझा किया जिसने अपना हाथ गंवा लिया था। उन्होंने कहा कि उनके साथी को भी इसी तरह की सर्जरी से गुजरना पड़ा था और वह अब पूरी तरह से ठीक है।
मुख्यमंत्री ने एएसआई से कहा कि उनकी सभी जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा। पूरा राज्य उनके साथ खड़ा है। कैप्टन ने उन पर अकारण बेरहमी से हुए हमले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा भी किया। उन्होंने कहा कि फोर्स पर ऐसे किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कैप्टन ने इससे पहले रविवार को खुद डीजीपी दिनकर गुप्ता को हरजीत सिंह के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
पीजीआई में एएसआई की हालत स्थिर
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पीजीआई के निदेशक डॉ. जगत राम सोमवार सुबह एएसआई से मिले। इसके बाद उन्होंने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. रमेश शर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने हरजीत सिंह की जांच की है। उन्होंने मरीज की हालत को स्थिर बताया। इस समय सिर्फ उनकी पत्नी को ही दिन में एक बार मिलने की अनुमति है। डीजीपी ने बताया कि हमले में गिरफ्तार किए गए सभी 11 आरोपियों को कोर्ट ने सोमवार को 11 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।