कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए रेलवे ने चंडीगढ़ में 7 और कालका रेलवे स्टेशन पर भी 7 कोचों का इस्तेमाल करके कुल 14 कोचों मेें आइसोलेशन वार्ड तैयार किए हैं। प्रत्येक कोच में 16 पेशेंट को आइसोलेट करने की क्षमता है। यह सभी कोच चंडीगढ़ और कालका के इंजीनियरिंग विंग ने 6 दिनों में तैयार किए हैं।
जिससे जरूरत पड़ने पर इनमें कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज किया जा सके। कालका के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (डिपो प्रभारी) अमरजीत शर्मा और सीनियर सेक्शन इंजीनियर दीला राम ने बताया कि ये आइसोलेशन वार्ड जनरल कोचों में तैयार किए गए हैं। मरीजों को आइसोलेट करने के लिए इनमें सारी सुविधाएं मुहैया कराई गईं हैं।
हर डिब्बे को सैनिटाइज किया
चंडीगढ़ और कालका रेलवे के अधिकारियों की मानें तो मौजूदा जनरल कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया है। इन्हें वार्ड में बदलने से पहले हर डिब्बे को सैनिटाइज किया गया है। वहीं हर कोच में डब्लूएचओ के नियमों के मुताबिक उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। इनमें बने टॉयलेट में पानी चढ़ाने के लिए अलग से स्टैंड लगाया गया है।
टॉयलेट पैन को बंद करके दो शौचालय को बाथरूम में परिवर्तित किया गया है। जिसका इस्तेमाल एक डॉक्टर करेगा और एक पेशेंट के लिए इसमें हाथ साफ करने और नहाने की व्यवस्था भी की गई है। पेशेंट की सुविधा के लिए प्रत्येक बाथरूम में एक मग और बाल्टी रखी है।
डॉक्टरों के आराम के लिए अलग बेड
प्रत्येक कोच में 2 डॉक्टर और 2 नर्स के लिए अलग से केबिन तैयार किया गया है। जहां मरीज की एंट्री नहीं होगी। इसके साथ प्रत्येक केबिन में बने साइड वाली सीट को रिजर्व रखा गया है। जहां मरीज आवश्यकता अनुसार जरूरी सामान रख सकेंगे। गेट के पास बने वॉश बेसिन में हाथ धोने के लिए नल को बदल कर सैनिटाइजर रखा गया है।