अजनाला थाने पर वारिस पंजाब दे के समर्थकों की तरफ से हमले के दो दिन बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतपाल सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया है। मान ने शनिवार को पंजाबी में ट्वीट किया- गुरु ग्रंथ साहिब जी को ढाल बनाकर पुलिस थानों तक ले जाने वाले पंजाब और पंजाबियत का 'वारिस' कहलवाने के काबिल नहीं हैं।
रूपनगर जिले के चमकौर साहिब के वरिंदर सिंह ने लवप्रीत सिंह व अमृतपाल समेत उसके 30 समर्थकों पर अपहरण व मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद लवप्रीत व एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। एक आरोपी को तो पुलिस ने पहले ही रिहा कर दिया था लेकिन लवप्रीत को रिहा करने के लिए अमृतपाल ने बुधवार को थाने के बाहर धरने की चेतावनी दी थी। गुरुवार को अमृतपाल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप के साथ अपने समर्थकों सहित थाने पहुंचा। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो उग्र भीड़ ने बैरिकेड तोड़ डाले और तलवारों व बंदूकों के साथ थाने पर हमला कर दिया, जिसमें एसपी समेत छह पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। इसके बाद घंटों थाने के बाहर डटे रहे।
खालिस्तान समर्थकों के उत्पात के एक दिन बाद डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि हमलावरों ने पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की आड़ में हथियारों के साथ हमला किया। पवित्र ग्रंथ की मर्यादा को बनाए रखने के लिए ही पुलिस ने संयम से काम लिया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन देने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया। हमले में एसपी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हुए।
इस पर अमृतपाल सिंह ने कहा कि उसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की आड़ लेकर कोई भी बेअदबी नहीं की है। उसके खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है। अमृतपाल ने कहा कि जब भी कोई धार्मिक कार्य सिख कौम करती है तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश साथ होता है। हम भी अजनाला थाने का घेराव करने पहुंचे थे। वहीं हमने अमृत संचार का कार्यक्रम भी रखा था। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी पीछे थी और हम काफिले में आगे थे।
अजनाला थाने पर हमले के मामले में मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा था कि पंजाब सरकार हार हाल में पंजाब के अंदर शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार अमृतपाल के समर्थकों पर सख्त एक्शन लेगी। सरकार और पंजाब पुलिस कमजोर नही हैं। किसी को हालात खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
चीमा ने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार से की कार्रवाई की मांग
वहीं वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से मांग की है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की ओट लेकर हिंसक धरने-प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शनिवार को पटियाला पहुंचे चीमा ने कहा कि पुलिस व सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सत्कार करती है, इसलिए पुलिस ने बहुत ही संयम के साथ काम लिया।
इस मौके पर चीमा ने कहा कि प्रदेश की अमन कानून स्थिति के बारे में विरोधी दलों की ओर से दिए जा रहे बयान बेबुनियाद हैं। पंजाब में अमन कानून की स्थिति काबू में हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार की ओर से किसी को भी कानून को अपने हाथों में लेने की आज्ञा नहीं दी जाएगी। आगे कहा कि अगर पंजाब का माहौल ठीक है, तो ही इनवेस्ट पंजाब समिट हुआ है। निवेश आ रहा है और क्राफ्ट व हैरीटेज जैसे मेलों का आयोजन हो रहा है। वित्त मंत्री ने अजनाला घटना की कड़ी निंदा करते कहा कि धरने देना किसी का भी हक है, लेकिन पालकी साहिब को आगे करके हिंसक धरने एक बुरी प्रथा है। ऐसी कार्रवाई से जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई है, वहीं गुरु ग्रंथ साहिब को मानने वालों की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंची है। इसलिए हरेक सिख को इसका विरोध करना चाहिए।