पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान महागठबंधन I.N.D.I.A के सांसदों के धरना प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मणिपुर जल रहा है। यह भाजपा की नफरत की राजनीति का नतीजा है। 78 दिन बाद पीएम मोदी ने मणिपुर का 'म' बोला और उसमें भी अन्य राज्यों को जोड़ दिया। प्रधानमंत्री को सदन में आकर मणिपुर पर जवाब देना चाहिए और मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए।
सीएम भगवंत मान ने सिकंदर का किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि सिकंदर को जीतने की आदत हो गई थी। वह सभी राजाओं को हराकर आगे बढ़ता जा रहा था लेकिन वह भूल गया था कि वापस भी जाना है। मगर जब लौटने लगा तो वहीं सभी हारे हुए राजा उसके खिलाफ एक हो गए थे। 33 साल की उम्र में मलेरिया से मौत हो गई थी। भगवंत मान ने कहा कि इतिहास याद रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हर महीने पीएम मन की बात करते हैं... कभी लोगों की मन की बात तो सुनें। दो बार प्रधानमंत्री बनाने के बाद आपकी मन की बात तो लोगों ने पूरी कर दी।
भगवंत मान ने कहा कि नफरत की राजनीति देश के खातिर घातक सिद्ध होगी। आज मणिपुर में यही हो रहा है। यह भाजपा की नफरत की राजनीति का नतीजा है। भगवंत मान ने सवाल उठाया कि मणिपुर का राज्यपाल कौन... शायद ही किसी को पता हो लेकिन पंजाब, बंगाल, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और दिल्ली का पता होगा। मणिपुर में राज्यपाल क्या कर रहे हैं। हमें तो बार-बार कहा जा रहा कि बजट सत्र नहीं होने देंगे। बिल पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। यहां से पता चलता है कि ये लोग नफरत की राजनीति करते हैं।