सीएम ने कहा कि यह पहल मानव तस्करी की अमानवीय प्रथा को रोकने के लिए राज्य सरकार के अभियान का हिस्सा है। इस नेक काम के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और पंजाब पुलिस को इस अपराध से निपटने के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस किया जाएगा। ये वाहन अति आधुनिक मोबाइल नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम (एमएनवीआरएस), चार कैमरे- दो आउटडोर, दो इनडोर और वाहन लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम (वीएलटी) से लैस हैं।
इन हाईटेक उपकरणों की शुरुआत को पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और कदम बताते हुए सीएम ने कहा कि इससे राज्य में महिलाओं और बच्चों की मानव तस्करी को प्रभावी ढंग से रोकने में मदद मिलेगी। सीएम ने कहा कि इन वाहनों के कैमरों की फुटेज की निगरानी के लिए डैश वार्ड पर सात इंच की स्क्रीन लगाई गई है।
सड़क सुरक्षा बल से रुकेंगे हादसे
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार ने राज्य में सड़क यातायात को सुव्यवस्थित करने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समर्पित एक ‘सड़क सुरक्षा बल’ गठित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सड़कों के उचित रखरखाव से इन कारणों की जांच की जा सकेगी। इस बल को सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, अनुचित ड्राइविंग, सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने और अन्य कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और इससे पुलिस स्टेशनों में तैनात पुलिस कर्मियों पर बोझ भी कम होगा।