पंजाब में सरकार हर साल 25 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सूबे के लोगों के लिए पंजाब इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी का ड्राफ्ट लांच किया है। इस ड्राफ्ट पर विशेषज्ञों और आम लोगों के सुझाव मांगे जाएंगे। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि देगी।
वर्तमान में पंजाब में 90 फीसदी बसें डीजल से चलने वाली हैं। नई नीति के तहत आगामी तीन वर्षों में 25 फीसदी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राज्य सरकार भारत की फेम चरण-2 योजना के तहत, किसी भी या सभी ई-बसें जुटाने की योजनाओं में भाग लेने का प्रयास करेगी।
भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के लिए एक रोडमैप- नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान-2020 तैयार किया है। केंद्र सरकार की फेम-2 के साथ-साथ राज्य की नीतियों के परिणामस्वरूप 2030 तक 30 प्रतिशत निजी कारों, 70 प्रतिशत वाणिज्यिक कारों, 40 प्रतिशत बसों और 80 प्रतिशत दोपहिया व तिपहिया वाहनों को ईवी में बदलने का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि आज पंजाब के लोगों के लिए पंजाब इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी (ड्राफ्ट) को लांच किया... आने वाले समय की जरूरत को देखते हुए पॉलिसी लाई जाएगी... विभाग की तरफ से सुझाव लिए जाएंगे... पॉलिसी को कैबिनेट में भी लेकर आएंगे... प्रदूषण मुक्त पंजाब और पर्यावरण संरक्षण के लिए मेरी सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है।