मुख्यमंत्री ने कहा कि हरसिमरत का यह बयान माघी के मौके पर आया है लेकिन इस पूरे मामले पर धामी की चुप्पी ने पुष्टि कर दी है कि एसजीपीसी प्रधान बादलों की हाथों की कठपुतली से ज्यादा कुछ नहीं हैं। यह इतना बुरा है कि बादल परिवार की कार्रवाई सिख मर्यादा के विपरीत होने के बावजूद एसजीपीसी प्रधान को उनमें कुछ भी गलत नहीं दिखता। मान ने धामी को चेतावनी दी कि सिख संगत उन्हें अपने आकाओं को खुश करने की नीति के लिए माफ नहीं करेगी और उन्हें करारा सबक सिखाएगी।
उन्होंने धामी को चुनौती दी है कि वह मीडिया के सामने आएं और अपने आकाओं की हरकतों पर जवाब दें। मान ने कहा कि एसजीपीसी मुख्यमंत्री पर सिखों के धार्मिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाती रही है लेकिन लोग अच्छी तरह जानते हैं कि एसजीपीसी और इसके प्रधान शिअद के हाथों की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं।